Sharda Sinha:बिहार की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा ने मंगलवार रात दिल्ली के AIIMS अस्पताल में अंतिम सांस ली। शारदा सिन्हा लंबे समय से कैंसर से जूझ रही थीं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 27 अक्टूबर को AIIMS में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत नाजुक बनी हुई थी। लोकगायिका के निधन पर PM मोदी ने दुख जताया है। बिहार के लोक कलाकारों से लेकर राजनीति के दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
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PM मोदी ने दुख जताते हुए अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है सुप्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनके गाए मैथिली और भोजपुरी के लोकगीत पिछले कई दशकों से बेहद लोकप्रिय रहे हैं। आस्था के महापर्व छठ से जुड़े उनके सुमधुर गीतों की गूंज भी सदैव बनी रहेगी। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति
सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में तेजस्वी यादव ने लिखा, “बिहार की सुपुत्री पद्मश्री, पद्मविभूषण से सम्मानित सुप्रसिद्ध गायिका तथा अपनी मधुर आवाज़ एवं गीतों के माध्यम से छठ पूजा को जन-जन तक पहुँचाने वाली श्रीमती शारदा सिन्हा जी के निधन की दुखद सूचना मिली। ईश्वर से प्रार्थना कि वह दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा दुख की इस घड़ी में शुभचिंतकों व उनके परिवार को संबल और धैर्य प्रदान करें। उनकी मधुर आवाज़ हमेशा जीवित रहेंगी। उन्हें शत्-शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि। ॐ शांति।”
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बता दें, मिथिला की बेगम अख्तर के नाम से मशहूर शारदा सिन्हा का जन्म बिहार के सुपौल जिले में एक नवंबर 1952 को हुआ। संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें बिहार कोकिला कहा जाता था। गायन में उनके योगदान के लिए उन्हें 1991 में पद्म श्री और 2018 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 22 सितंबर, 2024 को शारदा सिन्हा के पति ब्रज किशोर सिन्हा का निधन हो गया था। पति के देहांत के बाद से वो सदमे में थीं जिससे धीरे-धीरे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। शारदा सिन्हा बेशक आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी यादें और उनके गीत हमेशा लोगों की जुबान पर रहेंगे।
बिहार की लोक गायिका ने दशकों तक अपनी मधुर आवाज से लोगों के दिलों पर राज किया। उन्होंने छठ से लेकर बेटी की विदाई के अनगिनत गीत गाए। छठ से पहले उनका नया गाना ‘दुखवा मिटायिन छठी मैया’ रिलीज किया गया है। दर्शक इसे खूब पसंद कर रहे हैं। लोक गायिका शारदा सिन्हा ने मैथिली,भोजपुरी और मगही भाषा में कई गाने गाए। कहते हैं शारदा सिन्हा को अपने गीतों को लेकर इतना जुनून था कि वो गाने से पहले अपने मायके, ससुराल और यहां तक की परिवार के बुजुर्गों से जानकारी लेतीं थीं। शायद यही वजह है कि शादी की कोई रस्म ऐसी नहीं है जिसके लिए उन्होंने गीत न गाए हो।
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बिहार की लोक गायिका को कई बार हिंदी फिल्मों में गाने के लिए बड़े ऑफर मिले। उन्होंने साल 1994 में आई फिल्म “हम आपके हैं कौन” में विदाई गीत ‘बाबुल” और “कहे तो” और सलमान खान की पहली सुपरहिट फिल्म “मैंने प्यार किया’ का गीत “सजना” गाया। उन्होंने गैंग्स ऑप वासेपुर-2 में भी अपनी मधुर आवाज दी लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी लोक शैली से समझौता नहीं किया। शारदा सिन्हा के इस दुनिया को अलविदा करने से माहौल गमगीन हैं। बिहार के लोक कलाकारों से लेकर राजनीति के दिग्गजों ने उनके निधन पर शोक जताया है।
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