Ahmedabad Plane Crash: 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन-गैटविक के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर उड़ान के 32 सेकंड बाद ही बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो गई थी, साथ ही जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई थी। केवल एक यात्री, विशवास कुमार प्रकाश, इस हादसे में चमत्कारिक रूप से बच गए।
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AAIB की 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान के उड़ान भरने के ठीक तीन सेकंड बाद, यानी दोपहर 1:38:42 बजे, दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच एक के बाद एक, एक सेकंड के अंतराल में ‘रन’ से ‘कटऑफ’ स्थिति में चले गए। इससे दोनों इंजनों में ईंधन की आपूर्ति बंद हो गई और विमान में थ्रस्ट की कमी हो गई।कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में दर्ज बातचीत में एक पायलट को दूसरे से पूछते सुना गया, “तुमने स्विच क्यों बंद किया?” जिसका जवाब था, “मैंने नहीं किया।” यह खुलासा इस बात की ओर इशारा करता है कि स्विच का मूवमेंट अनजाने में या जानबूझकर हुआ, यह अभी जांच का विषय है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, फ्यूल सप्लाई बंद होने के 10 सेकंड बाद स्विच फिर से ‘रन’ स्थिति में लौट आए, जिसके बाद एक इंजन में रिकवरी शुरू हुई, लेकिन दूसरा इंजन ठीक नहीं हो सका। विमान में रैम एयर टरबाइन RAT तुरंत सक्रिय हो गया, जो पूर्ण बिजली हानि का संकेत देता है। दोनों पायलटो ने विमान को गिरने से बचाने के लिए पूरी कोशिश की इसके बावजूद, कम ऊंचाई और समय की कमी के कारण पायलट इंजनों को दोबारा शुरू नहीं कर सके।
AAIB ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जांच अभी जारी है और अगले चरण में और सबूत जुटाए जाएंगे। बोइंग और जीई के विशेषज्ञ दिल्ली में AAIB लैब में जांच में सहयोग कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (ICAO) के दिशानिर्देशों के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट एक साल के भीतर जारी की जानी चाहिए। एयर इंडिया ने एक बयान में कहा, “हम AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त होने की पुष्टि करते हैं और जांच में पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।” वहीं, बोइंग ने कहा कि वह AAIB के नेतृत्व में जांच का समर्थन कर रहा है और पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है। यह हादसा न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर विमानन सुरक्षा के लिए एक बड़ा सबक है। AAIB की अंतिम रिपोर्ट से उम्मीद है कि इस त्रासदी के कारणों का पूर्ण खुलासा होगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
