Sports News: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पूर्व विश्व नंबर एक जोड़ी ने रविवार को पुरुष युगल फाइनल में इंडोनेशिया के फजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी की जोड़ी को हराकर अपना पहला सिंगापुर ओपन बैडमिंटन खिताब जीत लिया। एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन इस भारतीय जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए दो वर्षों में अपना पहला खिताब जीता। ये उनके करियर का नौवां बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब है। भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में पिछड़ने के बाद रोमांचक मुकाबले में 18-21, 21-17, 21-16 से जीत दर्ज करते हुए सुपर 750 स्तर का अपना तीसरा खिताब भी हासिल किया। Sports News:
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विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज इस भारतीय जोड़ी के लिए ये जीत विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही, क्योंकि वे सिंगापुर ओपन में पुरुष युगल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने।सात्विक और चिराग ने पिछली बार 2024 में थाईलैंड ओपन का खिताब जीता था। तब से वे चार फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन हर बार उपविजेता रहे।सिंगापुर में जीत के साथ उन्होंने अपने खिताबी सूखे को भी समाप्त कर दिया।फाइनल से पहले भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया की इस जोड़ी के खिलाफ खेले गए तीन मुकाबलों में से दो में हार का सामना करना पड़ा था। Sports News:
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इस प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के खिलाफ उनकी पिछली हार जनवरी में मलेशिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में हुई थी।पहले गेम में पिछड़ने के बावजूद भारतीय जोड़ी ने अपने खेल की गति बढ़ाई और लंबी रैलियों में दबदबा बनाते हुए विश्व नंबर तीन इंडोनेशियाई जोड़ी के खिलाफ मुकाबले का रुख पलट दिया।ये जीत भारतीय जोड़ी के लिए एक शानदार सप्ताह का समापन भी रही। उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के मौजूदा विश्व चैंपियन और शीर्ष वरीयता प्राप्त किम वोन-हो तथा सियो सेउंग-जे की जोड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।जीत का निर्णायक अंक हासिल होते ही सात्विक और चिराग जश्न मनाने के लिए कोर्ट पर लेट गए।
इसके बाद सात्विक ने बच्चों जैसी खुशी का प्रदर्शन किया, जबकि उत्साहित चिराग ने जोरदार दहाड़ लगाई और अपने साथी पर कूद पड़े।बाद में दोनों खिलाड़ियों ने कोर्ट पर नृत्य किया और पोडियम के शीर्ष पायदान पर लंबे समय बाद वापसी का भरपूर आनंद लिया।पुरुष युगल फाइनल का ये संघर्षपूर्ण मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए आसान नहीं रहा।धीमी शुरुआत के बाद सात्विक और चिराग ने धीरे-धीरे लय हासिल की और अंततः मुकाबले पर अपना दबदबा स्थापित कर दिया। पहले गेम में सात्विक और चिराग कुछ हद तक लय से बाहर नजर आए।
वे शुरुआती चरण में 2-5 से पिछड़ गए थे, लेकिन सात्विक के दमदार स्मैशों की बदौलत भारतीय जोड़ी ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 से बराबर कर लिया। सर्विस में देरी के कारण भारतीय खिलाड़ियों को येलो कार्ड भी दिखाया गया, लेकिन इसका मैच के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा।अगले ही अंक पर अल्फियन का रिटर्न नेट में फंस गया और इसके साथ ही सात्विक तथा चिराग की जोड़ी यादगार जीत का जश्न मनाने में डूब गई।
