केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों से आम नागरिकों के हित में कार्य करने की अपील करते हुए कहा है कि लोगों को अपने वैध कार्यों के लिए ‘दर-दर भटकने’ पर मजबूर नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से नियमों के दायरे में रहते हुए जनता के कार्यों का समयबद्ध और संवेदनशील तरीके से निपटारा करने का आग्रह किया।
मुंबई के नरीमन पॉइंट स्थित 13 मंजिला ‘आयकर सिंधु’ भवन के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि इस भवन के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने में स्वयं आयकर विभाग के अधिकारियों को भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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सीतारमण ने कहा कि यदि विभाग के अधिकारी ऐसी कठिनाइयों का अनुभव कर सकते हैं, तो उन्हें आम नागरिकों की समस्याओं का भी बेहतर ढंग से एहसास होना चाहिए। उन्होंने सरकारी विभागों की सुस्त कार्यशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि इसी कारण सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। उन्होंने बताया कि जिस भूमि पर नया भवन बनाया गया है, वह वर्ष 1973 से आयकर विभाग के पास थी, इसके बावजूद उस पर अवैध कब्जे हो गए, जो प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है।
उन्होंने मुंबई और नवी मुंबई में आयकर अधिकारियों के लिए सरकारी आवास की कमी का भी उल्लेख किया और कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए वह आवश्यक कदम उठाएंगी। साथ ही उन्होंने सरकारी विभागों के बीच भूमि हस्तांतरण और अन्य मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करने का भरोसा दिया, ताकि भविष्य में कार्यालय भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो सके।
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को बीएसएनएल की उपलब्ध भूमि के उपयोग की संभावनाएं तलाशने का सुझाव भी दिया और कहा कि इस संबंध में वह संबंधित मंत्री से बातचीत करेंगी। अपने संबोधन के अंत में सीतारमण ने कहा कि ईमानदारी ही कर प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने सभी अधिकारियों से निष्पक्ष, पारदर्शी और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
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