राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने वाले प्रस्ताव को दी मंजूरी

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USA: अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने युद्ध संबंधी शक्तियों से जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसके तहत ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने तीन महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में डेमोक्रेट्स का साथ दिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विरोध किया। युद्ध ने देश-विदेश की राजनीति को प्रभावित किया है। सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने दो सप्ताह पहले सदन की कार्यवाही अचानक स्थगित कर दी थी और इस प्रस्ताव को पारित होने से रोकने की कोशिश की थी जिसे उस समय मंजूरी मिलने की संभावना बन रही थी। USA:

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हालांकि, जैसे-जैसे संघर्ष लंबा खिंचता गया और राष्ट्रपति ट्रंप त्वरित समाधान निकालने के लिए जूझते दिखायी दिखे, तो युद्ध के प्रति असंतोष बढ़ता गया।बुधवार को मतदान में प्रस्ताव के पक्ष में 215 और विरोध में 208 वोट पड़े। परिणाम घोषित होते ही सांसदों ने खुशियां मनायीं।न्यूयॉर्क से डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा, ‘‘यह बिना सोचा-समझा और महंगा युद्ध आज ही समाप्त होना चाहिए। हमें केवल कुछ रिपब्लिकन सांसदों के समर्थन की जरूरत है। यह युद्ध अमेरिकी करदाताओं पर 100 अरब डॉलर से अधिक का बोझ डाल चुका है और इसने अमेरिका की स्थिति को कमजोर किया है।’’USA:

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ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध की रोकथाम की दिशा में प्रतिनिधि सभा में यह चौथा प्रयास था और पहली बार यह प्रस्ताव पारित हुआ है। पिछले महीने सीनेट ने भी इसी तरह के एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था, जब कुछ रिपब्लिकन सीनेटरों ने अपनी पार्टी के राष्ट्रपति के खिलाफ जाकर उसका समर्थन किया था। हर बार जब डेमोक्रेट्स यह प्रस्ताव लेकर आए तो समर्थन बढ़ता गया। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान अमेरिका को विदेशी संघर्षों से दूर रखने और घरेलू मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का वादा किया था, लेकिन इस युद्ध ने फिर से पश्चिम एशिया को अमेरिकी राजनीति के केंद्र में ला दिया है। हालांकि, जॉनसन ने कहा कि ट्रंप खासकर मध्यावधि चुनावों को देखते हुए अब भी घरेलू मुद्दों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। ये चुनाव इस बात का फैसला करेंगे कि संसद में किस पार्टी का नियंत्रण होगा।

उन्होंने बताया कि ट्रंप अपने सहयोगी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक गतिविधियों, विशेष रूप से तेल आपूर्ति के लिए फिर से पूरी तरह खोलने में सहयोग की अपील कर रहे हैं। अमेरिका द्वारा इजराइल के साथ मिलकर 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू करने के बाद से अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।हालांकि, अप्रैल में युद्धविराम की घोषणा की गई थी, लेकिन स्थिति अब भी अस्थिर और अनिश्चित बनी हुई है। स्थायी शांति के लिए बातचीत लंबी खिंच रही है। इस बीच, ईरान समर्थित हिजबुल्ला के साथ इजराइल के संघर्ष ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमले समय-समय पर जारी हैं।USA:

प्रतिनिधि सभा द्वारा पारित यह प्रस्ताव युद्ध को तुरंत नहीं रोकेगा, लेकिन इसे आगे की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। अब यह प्रस्ताव सीनेट में जाएगा।पिछले महीने चार रिपब्लिकन सीनेटरों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इसी तरह के प्रस्ताव का समर्थन किया था। हालांकि सीनेट ने अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति के समक्ष कहा कि यदि कांग्रेस यह प्रस्ताव पारित करती है तो ईरान यह समझेगा कि प्रशासन के ‘‘हाथ बंध गए हैं।’’USA:

उन्होंने कहा कि वे सोचेंगे कि ‘‘हम उनके खिलाफ कुछ नहीं कर पाएंगे, तो फिर समझौता क्यों करें?’’ईरान से जुड़े युद्ध के अलावा कांग्रेस (संसद) राष्ट्रीय सुरक्षा के अन्य मुद्दों पर भी सक्रिय है। प्रतिनिधि सभा एक अन्य डेमोक्रेटिक प्रस्ताव पर भी मतदान कर रही है, जिसके तहत रूस के खिलाफ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को अमेरिकी समर्थन और युद्धग्रस्त देश के पुनर्निर्माण में सहायता देने का प्रावधान है।USA:

इसके अलावा इस सप्ताह लेबनान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने संबंधी एक अन्य युद्ध शक्ति प्रस्ताव पर भी विचार किए जाने की संभावना है।अमेरिकी संविधान के अनुसार युद्ध घोषित करने का अधिकार संसद के पास है, लेकिन राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होने के नाते सैन्य कार्रवाई का आदेश दे सकते हैं। इसी वजह से युद्ध और शांति से जुड़े मामलों में अंतिम अधिकार को लेकर लंबे समय से संवैधानिक बहस जारी है।युद्ध शक्तियां अधिनियम के तहत किसी सैन्य कार्रवाई के 60 दिन के भीतर अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस को कांग्रेस से मंजूरी लेनी होती है।हालांकि प्रशासन का कहना है कि ईरान संघर्ष में युद्धविराम घोषित हो चुका है, इसलिए अब शत्रुता समाप्त मानी जानी चाहिए।USA:

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