UTTAR PRASEDH: कानपुर पुलिस ने एक बड़े फाइनेंशियल रैकेट का खुलासा किया है, जिसमें नकली बैंक खातों के ज़रिए करीब 1,600 करोड़ रुपये की कथित कैश निकासी और धोखाधड़ी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, यह मामला 16 फरवरी 2026 को चकेरी पुलिस स्टेशन इलाके के श्याम नगर में हुई एक लूट की घटना के बाद सामने आया। शुरू में, पीड़ित शिकायत दर्ज कराने में हिचकिचा रहा था, लेकिन बाद में पुलिस के दखल के बाद मामला दर्ज किया गया।UTTAR PRASEDH
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जांच के दौरान, पुलिस ने पाया कि एक बड़ा सिंडिकेट गरीब मज़दूरों और कामगारों के नाम पर खोले गए करीब 68 बैंक खातों के ज़रिए काम कर रहा था। इन खातों का कथित तौर पर बड़ी रकम के लेन-देन और करोड़ों रुपये की कैश निकासी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने गरीब लोगों को बीमा लाभ और सरकारी योजनाओं का झूठा वादा करके उनके आधार और PAN कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल किया। फिर इन दस्तावेज़ों का गलत इस्तेमाल करके बैंक खाते खोले गए और धोखाधड़ी वाले लेन-देन किए गए।UTTAR PRASEDH
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जांच में यह भी पता चला कि नकली पहचान बनाई गई थी, जिसमें खाते खोलने के लिए जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल और पैसे घुमाने के लिए शेल कंपनियाँ शामिल थीं। इस गिरोह ने कथित तौर पर इन खातों का इस्तेमाल कई गैर-कानूनी कामों के लिए किया, जिसमें GST चोरी का शक और बूचड़खानों के काम से जुड़े पैसों की हेराफेरी शामिल है। इस मामले में दो आरोपियों, जिनकी पहचान महताब और मासूम के तौर पर हुई है, को गिरफ्तार कर लिया गया है।UTTAR PRASEDH
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कई बैंक भी KYC वेरिफिकेशन में संभावित कमियों और संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्टिंग न करने के मामले में जांच के दायरे में हैं। आगे की जांच जारी है, और यह मामला GST अधिकारियों और दूसरी एजेंसियों के साथ भी साझा किया गया है। कानपुर के DCP सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि जांच जारी है और जैसे-जैसे इस नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, और भी गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है।UTTAR PRASEDH
