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बेटे ने की अगली सीट पर बैठने की जिद – परिवार गांव जाने की तैयारी में था। पिता टेंपो में सामान रख रहे थे। बेटे ने जबरन अगली सीट पर बैठने की ज़िद की, मना करने पर झगड़ा हुआ और गुस्से में आकर बेटे ने गोली चला दी। एक पुलिसकर्मी घटना स्थल से गस्त के लिए निकल रहे था। सड़क पर पड़े लहूलुहान पड़े सुरेंद्र सिंह को देखकर रुके और आरोपी बेटे से बंदूक जब्त कर ली गई और बेटे को तुरंत गिरफ्तार किया गया।
CISF से रिटायर्ड था मृतक –जानकारी के मुताबिक मृतक सुरेंद्र सिंह CISF से रिटायर्ड थे। घटना घर के बाहर सरकारी आवास के सामने हुई। हत्या के लिए इस्तेमाल की गई बंदूक पिता के नाम पर थी। सोचिए, एक समय था जब बेटा पिता की गोद में बैठकर सपनों की सवारी करता था. आज वही बेटा एक सीट के लिए पिता की जान का दुश्मन बन बैठा। यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, ये समाज के उस मानसिक संकट की तस्वीर है जहाँ गुस्सा, असंवेदनशीलता और हथियार रिश्तों से भी ज्यादा ताकतवर हो गए हैं।
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मानसिक रूप से बीमार है आरोपी- सरकारी आवास के सिक्योरिटी गार्ड ने बताया कि आरोपी दीपक पिछले 3 साल से अपने ही फ्लैट के अंदर रह रहा था जानकारी देते हुए यह भी बताया कि आरोपी दीपक मानसिक रूप से बीमार है जिस हथियार से गोली चलाई गई वह हथियार भी मृतक सुरेंद्र सिंह के नाम पर ही रजिस्टर्ड है। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पिता को मौत की नींद सुला दिया- आपको बता दें एक पिता ने दिल्ली में 60 साल सरकारी नौकरी की और रिटायरमेंट के बाद जिंदगी के कुछ पल अपने गांव में अपने परिवार के साथ बिताना चाहते थे.. लेकिन रिटायरमेंट के बाद ही जब गांव जाने का समय आया तो पिता और बेटे में आपसी झगड़ा हुआ और बेटे ने अपने पिता की हत्या कर मौत की नींद सुला दिया। तिमारपुर थाना पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के बीच में भेज दिया और तिमारपुर थाना पुलिस इस मामले की अभी भी गंभीरता से तफ्तीश कर रहा है।
