राज्यसभा सदस्य डॉ. अजीत माधवराव गोपचडे द्वारा शुरू किए गए दो महीने के इंटर्नशिप कार्यक्रम, एमपी लीड फेलोशिप के प्रतिभागियों से आज उपराष्ट्रपति भवन में बातचीत करते हुए, भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने युवाओं से राष्ट्रीय सेवा के प्रति समर्पित नैतिक नेता बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का माप अधिकार से नहीं, बल्कि विनम्रता, ईमानदारी और करुणा के साथ समाज की सेवा करने की क्षमता से होता है।
भारत की सभ्यतागत एकता पर जोर देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, “भारत एक था, भारत एक है और भारत हमेशा एक रहेगा।” फेलो को क्षेत्र, भाषा और जाति से ऊपर उठने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि हिमालय से कन्याकुमारी तक फैली भारत की साझा सांस्कृतिक विरासत ने हमेशा राष्ट्र को एकजुट किया है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
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उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 1960 के दशक में खाद्य पदार्थों की कमी से जूझते हुए भारत के विश्व के सबसे बड़े खाद्यान्न निर्यातकों में से एक बनने तक के परिवर्तन को याद करते हुए कहा कि युवाओं को पिछली पीढ़ियों द्वारा झेली गई कठिनाइयों को समझना चाहिए और राष्ट्र की विकास यात्रा से प्रेरणा लेनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने इस फैलोशिप को करियर शुरू करने का एक आदर्श मंच बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को कक्षाओं से परे की दुनिया से परिचय मिलता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और राष्ट्रीय नेताओं के साथ संवाद करने के अवसर मिलते हैं। उन्होंने योग्यता और निरंतर आत्म-सुधार को महत्व देते हुए फैलोशिप में शामिल प्रतिभागियों से उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आग्रह किया।
इन प्रशिक्षुओं की क्षमता पर विश्वास व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि इनमें से कई लोग सार्वजनिक जीवन, प्रशासन और न्यायपालिका में महत्वपूर्ण पदों पर आसीन होंगे। उन्होंने कहा, “कौन जाने, आपमें से कोई भारत के उपराष्ट्रपति का पद भी संभाले।” उन्होंने इन प्रशिक्षुओं को बड़े सपने देखने और राष्ट्र की सेवा में समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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संवैधानिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि लोकतंत्र तभी फलता-फूलता है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करते हैं। उन्होंने फेलोशिप प्राप्तकर्ताओं से जिज्ञासा के साथ सीखने, निडर होकर नवाचार करने और व्यापक राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया और विश्वास व्यक्त किया कि एमपी लीड फेलोशिप भविष्य के राष्ट्र निर्माताओं को पोषित करेगी जो एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देंगे।
राज्यसभा सांसद डॉ. अजीत माधवराव गोपचडे की पहल, एमपी लीड फेलोशिप, एक दो महीने का इंटर्नशिप कार्यक्रम है जो युवाओं को शासन, सार्वजनिक नीति और विधायी प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करता है। 5,000 से अधिक आवेदकों में से चयनित 40 फेलो को बधाई देते हुए उपराष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि प्रतिभागियों में से 62 प्रतिशत महिलाएं हैं और वे देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
