असम के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली में की केंद्रीय मंत्रियों संग अहम बैठकें

असम को देश का एक प्रमुख इंडस्ट्रियल, इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली के अपने दौरे के दौरान कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की। इन मुलाकातों में असम में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने, रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार करने, विमानन (Aviation) क्षेत्र में नई उड़ान भरने और डेयरी-मत्स्य पालन जैसे ग्रामीण क्षेत्रों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए कई रणनीतिक फैसले लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रेल भवन में केंद्रीय रेल, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस बेहद रचनात्मक बैठक में असम को भारत के उभरते हुए सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक प्रमुख स्तंभ के रूप में स्थापित करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य में सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग जैसी क्षमताओं को विकसित करने के लिए केंद्र से मार्गदर्शन और सहयोग मांगा।

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इसके साथ ही राज्य में रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर भी बातचीत हुई। असम के पहाड़ी जिलों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लंका से उमरांगसो तक एक नई रेलवे लाइन का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बहुप्रतीक्षित भारत-भूटान रेलवे परियोजना में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

असम को पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु के साथ राजीव गांधी भवन में एक बेहद उपयोगी बैठक की। इस बैठक में राज्य के भीतर सिलचर, मानस, उमरांगसो, माजुली, दीफू और चराइदेव में प्रस्तावित 6 नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों और हाफलोंग में एक प्रस्तावित हेलीपोर्ट की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिलचर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए अधिकांश शुरुआती काम पूरा कर लिया गया है और उन्होंने केंद्रीय मंत्रालय से इसे जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है। इसके अलावा, पश्चिमी असम के रुपसी हवाई अड्डे के विस्तार की योजना पर भी चर्चा हुई, जो क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और नए आर्थिक अवसरों के द्वार खोलेगा।

दिल्ली दौरे के अगले चरण में मुख्यमंत्री सरमा ने केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह के आवास पर उनसे मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच असम की ‘ब्लू इकोनॉमी’ यानी मत्स्य पालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का खाका तैयार किया गया। अब असम में न केवल मछली उत्पादन बढ़ाया जाएगा, बल्कि प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और वैल्यू चेन को मजबूत कर मछली के निर्यात (Export) को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

डेयरी सेक्टर की बात करें तो असम के डेयरी सहकारी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए पशु औषधि केंद्र, टेट्रापैक (UHT) और मिल्क पाउडर प्लांट स्थापित करने तथा कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) के जरिए मवेशियों की नस्ल सुधारने पर सहमति बनी है।

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​इन मुलाकातों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्रियों ने पूरा भरोसा जताया है कि केंद्र और राज्य सरकार के इन समन्वित प्रयासों से असम की अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव आएगा। इससे न केवल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार और किसानों तथा उद्यमियों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। आने वाले दिनों में इन सभी प्रोजेक्ट्स पर जमीनी काम और तेज होने की उम्मीद है।

विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने असम के लोगों को संकट से उबारने के लिए भी बड़ी रणनीति बनाई। उन्होंने केंद्रीय संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात कर राज्य में मानसून की बाढ़ के बाद चल रहे राहत और पुनर्वास कार्यों पर चर्चा की।

​केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने बाढ़ के दौरान असम सरकार द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि हमारी ‘डबल इंजन’ सरकार प्रभावित लोगों के पुनर्वास और उनकी आजीविका को फिर से पटरी पर लाने के लिए पूरी ताकत से काम कर रही है।

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