लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला आज प्यारे लाल भवन, नई दिल्ली में दानवीर भामाशाह जयंती के अवसर पर आयोजित विशाल वैश्य सम्मेलन एवं अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा- भामाशाह जी केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत के प्रेरणा पुरुष हैं।
अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के आमंत्रण पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला वैश्य समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित किया है। ओम बिरला ने विकसित भारत-2047 के संकल्प में उद्यमिता, नैतिक व्यापार और जनभागीदारी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए दान, सेवा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व के भारतीय आदर्शों पर अपने विचार रखें है।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भामाशाह जी केवल किसी एक समाज के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण भारत के प्रेरणापुरुष हैं। उनके आदर्श प्रत्येक समाज और प्रत्येक युवा तक पहुँचें, यही हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी समाज में किसी व्यक्ति के जीवन में अभाव, पीड़ा या संकट दिखाई दे, तब सहायता के लिए सबसे पहले हमारा हाथ आगे बढ़ना चाहिए। यही भामाशाह जी के जीवन का वास्तविक संदेश है।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सेवा और समर्पण हमारी सनातन संस्कृति तथा पूर्वजों की अमूल्य विरासत है। समाज के अंतिम व्यक्ति के दुःख को दूर करना ही सच्ची राष्ट्रसेवा और भामाशाह जी के प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि है।
ओम बिरला ने कहा कि भामाशाह जी की प्रेरणा केवल इतिहास तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक युवा के संस्कारों का हिस्सा बने। यही विकसित और संवेदनशील भारत की आधारशिला है।
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लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि समाज में सम्मान, सहयोग और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है। भामाशाह जी के आदर्श हमें अपने संसाधनों और सामर्थ्य को लोककल्याण के लिए समर्पित करने की प्रेरणा देते हैं।
ओम बिरला ने कहा कि यदि समाज का अंतिम व्यक्ति अभाव में है, तो उसकी सेवा के लिए सबसे पहले हमें आगे आना चाहिए। यही भारतीय संस्कृति का मूल संस्कार है और यही भामाशाह जी के जीवन का अमर संदेश है।
