Faridabad: फरीदाबाद में आयोजित 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला आत्मनिर्भरता का जीता जागता प्रमाण है। मेले का थीम “लोकल टू ग्लोबल” और “आत्मनिर्भर भारत” है, जो भारतीय शिल्प और संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक अद्वितीय प्रयास है। Faridabad
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस मेले के असली नायक शिल्पकार हैं, जो अपनी कला का प्रदर्शन करने आए हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और सूरजकुंड मेला इसका एक प्रमुख उदाहरण है। इस वर्ष मेले के सहभागी राज्य उत्तर प्रदेश और मेघालय हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहभागिता में मिस्र शामिल है। मुख्यमंत्री ने मिस्र को विश्व की सबसे पुरानी और गौरवशाली सभ्यताओं में से एक बताया।
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उपराष्ट्रपति ने भी अपने संबोधन में सूरजकुंड मेले की सराहना की और कहा कि यह मेला भारतीय संस्कृति और शिल्प की विविधता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि यह मेला न केवल शिल्पकारों की प्रतिभा को निखारने का एक मंच है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण साधन है। 15 फरवरी तक चलने वाला यह मेला लाखों लोगों की चहल-पहल से गूंजेगा। Faridabad
मेले में विभिन्न प्रकार के शिल्प, हस्तशिल्प, और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, जो दर्शकों को आकर्षित कर रही है। इसके अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक संगीत और नृत्य प्रदर्शन भी मेले का हिस्सा हैं। मेले का उद्देश्य भारतीय शिल्प और संस्कृति को बढ़ावा देना और शिल्पकारों को एक वैश्विक मंच प्रदान करना है।
