LPG CRISIS: पश्चिम एशिया संकट के बीच अंतर मंत्रालय समूह की ओर से ईंधन आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपडेट जानकारी साझा की गई है जिसमें सरकार ने राष्ट्रीय PNG अभियान 2.0 को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया है। पश्चिम एशिया में लगातार हो रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, भारत सरकार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वित उपाय कर रही है। सरकार ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना, समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा करना और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों को आवश्यक सहायता प्रदान करना है।LPG CRISIS
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सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से सही जानकारी प्रसारित करने का आग्रह किया है ताकि अफवाहों पर अंकुश लगाया जा सके। वही सीजीडी संस्थाओं को डी-पीएनजी कनेक्शनों में तेजी लाने के लिए कहा गया है। सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि मार्च में 3.1 लाख से अधिक कनेक्शनों में गैस की आपूर्ति की गयी है। 2.7 लाख से अधिक नए कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं और उनमें गैस की आपूर्ति की जा रही है। वही 1 मार्च 2026 से औसतन प्रतिदिन 50 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से दी गई जानकारी में आगे बताया गया है कि 23 मार्च से प्रवासी श्रमिकों को 3.2 लाख से अधिक 5 किलोग्राम एफटीएल सिलेंडर बेचे गए हैं; कल 63,000 से अधिक सिलेंडर बेचे गए है।LPG CRISIS
सरकार की ओर से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपडेट दिया गया है कि अब तक 959 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है; पिछले 24 घंटों में 9 नाविकों की वापसी हुई है । सरकार ने कहा है कि पूरे भारत में बंदरगाह संचालन सामान्य है, कोई भीड़भाड़ नहीं है। वही 28 फरवरी से अब तक 5.72 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं, सुविधा प्रदान करने के प्रयास जारी हैं। मिशन और पोस्ट पूरे क्षेत्र में चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं और 24×7 हेल्पलाइन उपलब्ध हैं। पश्चिम एशिया में लगातार हो रहे घटनाक्रमों के मद्देनजर, भारत सरकार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने के लिए समन्वित उपाय कर रही है। सरकार ने कहा है कि हमारा मुख्य उद्देश्य निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना, समुद्री गतिविधियों की सुरक्षा करना और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों को आवश्यक सहायता प्रदान करना है।LPG CRISIS
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अंतर मंत्रालय समूह की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बना हुआ है। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है। वही रिटेल आउटलेट पर स्थिति की जानकारी देते हुए बताया गया है कि देशभर में सभी खुदरा दुकानें सामान्य रूप से चल रही हैं। मध्य पूर्व संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में असामान्य वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं को इस प्रभाव से बचाने के लिए, भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करके इस बोझ का कुछ हिस्सा स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, भारत सरकार ने घरेलू बाजार में इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया है। कुछ क्षेत्रों में अफवाहों के चलते अफरा-तफरी मच गई है और लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल खरीद रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप खुदरा दुकानों पर असामान्य रूप से अधिक बिक्री और भारी भीड़ देखी गई है। हालांकि, यह सूचित किया जाता है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है।LPG CRISIS
