Election: बंगाल के पहले फेज और तमिलनाडु चुनाव में चुनावी दस्तावेजों की जांच संपन्न। उम्मीदवारों की मौजूदगी में फॉर्म 17A की स्क्रूटनी पूरी हो गयी है। चुनाव आयोग ने दिया बड़ा अपडेट दिया है कि तमिलनाडु और बंगाल Phase-1 में कही भी रि-पोल की जरूरत नहीं है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के मतदान के बाद, चुनाव आयोग ने फॉर्म 17A और अन्य चुनावी दस्तावेजों की जांच यानी स्क्रूटनी का काम पूरा कर लिया है। सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही राज्यों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान (Re-poll) की सिफारिश नहीं की गई है।Election
Read Also-kerlam: वडक्कुनाथन मंदिर में ‘विलंबरम’ के साथ त्रिशूर पूरम उत्सव की हुई शुरुआत
यहाँ देखें इस प्रक्रिया की मुख्य बातें: तमिलनाडु का हाल: राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यहाँ कुल 75,064 पोलिंग स्टेशनों पर मतदान हुआ था, जिनमें से कहीं भी दोबारा वोटिंग की जरूरत नहीं पाई गई है। पश्चिम बंगाल (चरण-1): बंगाल के पहले चरण की 152 सीटों पर भी स्क्रूटनी का काम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यहाँ के 44,376 पोलिंग स्टेशनों में से किसी में भी धांधली की शिकायत दर्ज नहीं हुई है।Election
Read Also-Bengal: रेलवे लाइन के किनारे बनी झुग्गियों में आग लगने से रेलवे हुई प्रभावित
पारदर्शिता पर जोर: यह पूरी प्रक्रिया वीडियो ग्राफी की निगरानी में और रिटर्निंग ऑफिसर्स व जनरल ऑब्जर्वर्स की मौजूदगी में की गई। उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को भी इस दौरान उपस्थित रहने का पूरा मौका दिया गया था।
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा: वोटिंग के बाद EVM और VVPAT मशीनों को डबल-लॉक सिस्टम, दो-स्तरीय सुरक्षा और CCTV की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि रिटर्निंग ऑफिसर दिन में दो बार और जिला निर्वाचन अधिकारी नियमित रूप से स्ट्रांग रूम का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेंगे। साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों को भी स्ट्रांग रूम के बाहर कैंप लगाने की अनुमति दी गई है।Election
