Piyush Goyal News : दिल्ली में उद्योग प्रतिनिधियों ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ 27 अप्रैल को हुई बैठक में अनुपालन लागत, परीक्षण आवश्यकताओं और निर्यात बाजारों में प्रवेश के दौरान एमएसएमई के सामने आने वाली चुनौतियों से जुड़े मुद्दे उठाए। ये जानकारी एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को दी गई।मंत्रालय ने कहा कि मंत्री ने निर्यातकों को निरंतर समर्थन, सुगमीकरण और लक्षित हस्तक्षेप के जरिये प्रवेश बाधाओं को कम करने और कारोबार सुगमता बढ़ाने का आश्वासन दिया।Piyush Goyal News Piyush Goyal News Piyush Goyal News Piyush Goyal News
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गोयल ने निर्यातकों और उद्योग संगठनों से विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के व्यापार समझौतों का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया ताकि बाजार पहुंच बढ़ाई जा सके, निर्यात को प्रोत्साहन मिले और रोजगार के अवसर सृजित हों।उन्होंने कहा कि इन समझौतों का समय पर उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।बयान में कहा गया, ‘‘उद्योग प्रतिनिधियों ने अनुपालन लागत, परीक्षण आवश्यकताओं और निर्यात बाजारों में प्रवेश से जुड़ी एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) की चुनौतियों के मुद्दे उठाए।
भारत का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 2025-26 में 860.09 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया जो सालाना आधार पर 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।इंजीनियरिंग वस्तुएं, इलेक्ट्रॉनिक, दवा, रसायन, रत्न एवं आभूषण और कृषि आधारित उत्पाद जैसे क्षेत्रों ने वैश्विक व्यवधानों के बावजूद निर्यात की गति बनाए रखी है।मंत्री ने कहा कि ये उपलब्धि 2030 तक दो लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने के लिए आधार का काम करेगी।Piyush Goyal News
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उन्होंने कहा कि सरकार नए बाजारों में प्रवेश और मौजूदा बाजारों में उपस्थिति बढ़ाने के लिए निर्यातकों को समर्थन देती रहेगी, ताकि निर्यात वृद्धि को गति मिल सके।इस बैठक में 30 निर्यात संवर्धन परिषदों और शीर्ष उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ वाणिज्य विभाग और विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
