प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कनाडा के अपने समकक्ष मार्क कार्नी के साथ रक्षा, व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्रों में संबंध बढ़ाने पर व्यापक बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों ने साल के आखिर तक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) के लिए बातचीत पूरी करने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं की मुलाकात पूर्वी फ्रांस के एवियॉन में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एवियॉन जी7 शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री कार्नी से मिलकर खुशी हुई।” उन्होंने कहा, “एक साल से भी कम समय में ये हमारी चौथी मुलाकात है, जो भारत और कनाडा के बीच मजबूत रिश्तों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है। हमने दोनों देशों के बीच रिश्तों के सभी पहलुओं पर चर्चा की, खासकर पिछली मुलाकात के बाद से हुई प्रगति पर।”
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने इस साल ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (सीईपीए) के लिए बातचीत पूरी करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रालय ने कहा, “दोनों पक्षों ने ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ की बातचीत में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और 2026 में बातचीत पूरी करने के अपने साझा लक्ष्य को फिर से दोहराया।”
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग में हुई शानदार प्रगति की समीक्षा की तथा व्यापार, ऊर्जा, नवोन्मेष, शिक्षा और लोगों के बीच परस्पर आदान-प्रदान पर आधारित एक मजबूत साझेदारी बनाने के तौर-तरीकों पर चर्चा की।’’
कनाडा के प्रधानमंत्री 27 फरवरी से दो मार्च तक भारत के दौरे पर थे। इस दौरान भारत और कनाडा ने यूरेनियम एवं ज़रूरी खनिजों की आपूर्ति को लेकर अहम समझौते किये थे और जल्द ही एक व्यापक आर्थिक साझेदारी करार करने पर सहमति जताई थी। उस समय, दोनों प्रधानमंत्रियों ने रक्षा, अहम प्रौद्योगिकी, छोटे और मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर, शिक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी निश्चय किया था।
कनाडा में 2023 में खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का संभावित हाथ होने के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्ते सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे। पिछले साल मार्च में कार्नी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों पक्षों ने रिश्तों को फिर से बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए।
