Delhi: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। भारत के संसद में पेश होने वाले FCRA संशोधन विधेयक पर आ रही अंतर्राष्ट्रीय टिप्पणियों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कर दिया कि भारत में विधायी प्रक्रियाएं देश का अंदरूनी मामला हैं। भारत की संसद ही देश के कानूनों पर फैसला लेती है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने याद दिलाया कि अमेरिका समेत दुनिया के कई अन्य देश भी विदेशी फंडिंग को नियंत्रित और विनियमित करने के लिए कड़े नियम बनाते हैं।Delhi:
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वही लाल सागर में हाल ही में घटी घटना और जहाजों पर बढ़ते खतरों को देखते हुए प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। खाड़ी क्षेत्र में स्थित सभी भारतीय मिशन लगातार शिपिंग मिनिस्ट्री और स्थानीय मरीन अथॉरिटीज के संपर्क में हैं। संकट की स्थिति से निपटने के लिए 24×7 हेल्पलाइन पिछले कई महीनों से लगातार काम कर रही है। भारत ने अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र व्यापार और नागरिक जहाजों की सुरक्षा की अपील की है। Delhi:
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बांग्लादेश में शेख हसीना की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। यह एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित कार्यक्रम था। भारत सरकार इस मंच से बांग्लादेश की चुनी हुई सरकार के खिलाफ दी गई किसी भी टिप्पणी का समर्थन नहीं करती है।वही विदेश सचिव विक्रम मिस्री की श्रीलंका यात्रा का जिक्र करते हुए रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने श्रीलंका से भारतीय मछुआरों के मुद्दे को मानवीय आधार पर हल करने और तमिल समुदाय की राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संविधान के तहत प्रांतीय चुनाव जल्द कराने की बात कही है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई फोन वार्ता पर प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की है।बहरहाल विदेश मंत्रालय ने अपने बयान से साफ संदेश दे दिया है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक हितों और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मामलों पर पूरी सतर्कता और मजबूती के साथ कदम उठा रहा है।
