Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की पेपरलेस रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरुआत। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का संबोधन।गत 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र के लाडवा तहसील से की पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत।1 नवंबर 2025 को पूरे प्रदेश में किया गया पेपरलेस रजिस्ट्री को लागू।
LIVE: Launching Auto-Mutation and Paperless Revenue Registration 2.0 (Chandigarh) https://t.co/JBOs7LNkeR
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) June 23, 2026
आज कुछ और सुधारो के साथ की जा रही है इसके दूसरे चरण की शुरुआत।इसमें अब रजिस्ट्री के साथ इंतकाल को भी किया गया है शामिल।अब रजिस्ट्री के लिए आवेदन फार्म पहले से अधिक सरल और यूजर फ्रेंडली बन गया।दोनों पक्षों के लिए आधार e-KYC किया गया अनिवार्य, इस से पहचान की शत प्रतिशत होगी पुष्टि।
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कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई रजिस्ट्री प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता हो तो अब वह एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि कर सकता है नियुक्त।अब रजिस्ट्री के समय संबंधित भूमि का कौन सा हिस्सा प्राइम श्रेणी में आता है और कौन सा नॉन प्राइम श्रेणी में इसकी जानकारी सिस्टम में स्वत दिखाई देगी।पूरी प्रक्रिया में डिजिटल हस्ताक्षर और बायोमेट्रिक प्रणाली की गई है लागू।अधिकतम तीन अवसरों के भीतर मामले का निर्णय किया जाएगा सुनिश्चित।DTP और NOC के लिए अलग से दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी, विभागीय सत्यापन पूरी तरह ऑनलाइन होगा।वर्तमान प्रणाली में अलग-अलग स्तर पर किए जाने वाले RC1 एवं RC2 के कार्यों को कर दिया गया है कंबाइन।आज राजस्व प्रशासन में एक और ऐतिहासिक और क्रांतिकारी सुधार की कर रहे हैं शुरुआत।Haryana:
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आज ऑटो इंतकाल प्रणाली की भी शुरुआत की जा रही है इससे प्रदेश के लाखों किसानों और भूस्वामियों को मिलेगी बड़ी राहत।प्रदेश में लगभग 5 लाख से अधिक इंतकाल लंबित थे, इनमें से लगभग चार लाख इंतकालों का निपटान किया जा चुका है।इससे पहले प्रदेश में ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को एक माह तक पायलट आधार पर चलाया गया।इस दौरान प्राप्त सभी सुझावों और फीडबैक को प्रणाली में किया गया शामिल प्रारंभिक चरण में ही लगभग 50 हजार इंतकाल स्वत दर्ज किया जा चुके हैं।जिन मामलों में खेवट विभाजन की जरूरत नहीं होगी उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल हो जाएगा मंजूर।Haryana:
जिन मामलों में खेवट विभाजन जरूरी होगा उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर इंतकाल का निपटान हो जाएगा।हमारा लक्ष्य आगामी 15 दिनों के भीतर शेष सभी लंबित इंतकालों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना।अब रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया एक दूसरे से जुड़ जाएगी, अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।नागरिक अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे तथा इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर सकेंगे।
