Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 33वें मैंगो मेले का किया उद्घाटन। पिंजौर में आयोजित उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन। आज इस ऐतिहासिक यादविंद्रा गार्डन की हवाओं में आम की मिठास के साथ भारत के अन्नदाता के पसीने की महक। आज हम सब यहां 33वें मैंगो मेले के शुभारंभ अवसर पर हुए इकट्ठे।
पिंजौर का मैंगो मेला केवल आम की विविध किस्मों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि हमारे किसान भाइयों की मेहनत का सम्मान है। pic.twitter.com/dYkUjlNY8P
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) July 10, 2026
हरियाणा और देश के अलग-अलग राज्यों से आए सभी प्रगतिशील किसानों, उद्यमियों और पर्यटकों का स्वागत और अभिनंदन। यहां 200 से अधिक आम की किस्में हमारे देश की जैव विविधता और हमारे किसान भाइयों के हुनर का प्रमाण।
आज पिंजौर के ऐतिहासिक यादविंद्रा गार्डन में आयोजित 33वें मैंगो मेले का शुभारंभ कर हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों, बागवानी विशेषज्ञों, उद्यमियों एवं पर्यटकों का मेले में हार्दिक स्वागत किया।
यह मेला केवल आम की विविध किस्मों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि… pic.twitter.com/mf25E0dFlE
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) July 10, 2026
आज AI केवल कंप्यूटर और प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है। आज ड्रोन के माध्यम से खेतों का सर्वेक्षण, AI आधारित सॉफ्टवेयर से मिट्टी की सेहत का सटीक विश्लेषण किसानों के मोबाइलों में पहुंच रहा है। AI और डिजिटल अकाउंटिंग टूल्स के आने से अब भविष्य की खेती पूरी तरह स्मार्ट होने जा रही है। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि आम की विभिन्न किस्में लंदन, न्यूयॉर्क, दुबई, टोक्यो और अन्य देशों की सुपरमार्केट में पहुंचे।आज देश में फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशंस का एक बहुत बड़ा नेटवर्क किया जा रहा है तैयार। किसान परंपरागत कृषि फसल चक्र को छोड़कर कृषि का विविधीकरण करें और अपने उत्पादों में वैल्यू एडिशन करें।
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भूमि जोत छोटी होने से किसानों को बागवानी फसले लगाने के लिए कर रहे हैं प्रोत्साहित। जब किसान नया आम का बैग लगता है तो सरकार उसे 42 हजार रुपये प्रति एकड़ की सब्सिडी दे रही है। बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए भावांतर भरपाई योजना के तहत आम की फसल को किया गया शामिल। हमने भारत इजराइल परियोजना के तहत लाडवा में ट्रॉपिकल फ्रूट सेंटर की स्थापना की। Haryana:
केंद्र में पूसा सूर्य, पूसा अरूणिका ऑस्टिन, कैंट केसर और राम केला जैसी आम की बेहतरीन किस्मों पर हो रही है रिसर्च। हमने प्रदेश की मंडियों में प्राकृतिक और जैविक उत्पादों के लिए अलग स्थान उपलब्ध करवाने का लिया निर्णय। किसान हमारी नीतियों के केंद्र में, हम बीज से बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ खड़े हैं।
