पीएम मोदी का ऐतिहासिक न्यूजीलैंड दौरा जारी है। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय लिखा है। पीएम मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं।
करीब 40 साल बाद भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड यात्रा ने दोनों देशों के रिश्तों में नई ऊर्जा भर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक दौरे पर भारत और न्यूजीलैंड ने रणनीतिक साझेदारी को औपचारिक रूप दिया गया है। व्यापार, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने वाले अहम समझौते हुए है। पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के साथ भारत के रिश्तें को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी यात्रा से दोनों देश और करीब आ गए हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जुलाई को ऑकलैंड पहुंचे थे। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा, “भारत और न्यूजीलैंड एक-दूसरे के लिए बने हैं। आज हम अपनी दोस्ती को रणनीतिक साझेदारी से जोड़ रहे हैं।”
दोनों देशों के बीच हुई शिखर वार्ता में 18 ठोस परिणाम निकले, जिनमें 10 महत्वपूर्ण समझौते शामिल हैं। सबसे अहम… रणनीतिक साझेदारी का रोडमैप 2030। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर ₹35,000 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लागू करने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग बढ़ाने और भारतीय नौसेना व न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स के बीच लॉजिस्टिक्स सपोर्ट समझौते पर सहमति बनी है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह दौरा “ऐतिहासिक और अहम है, जो दोनों लोकतांत्रिक देशों के साझा मूल्यों और विश्वास पर आधारित है। वहीं न्यूजीलैंड के पीएम लक्सन ने भारत को “वैश्विक विकास का लॉन्चपैड” बताया। इस दौरे से भारत-न्यूजीलैंड संबंध न केवल मजबूत होंगे, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। व्यापार, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए द्वार खुले हैं।
