संसद के मानसून सत्र का आज से आगाज़ हो गया है। इसी के साथ 18वीं लोकसभा के आठवें सत्र यानी मानसून सत्र के इस विशेष अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सांसदों का स्वागत करते हुए एक बेहद सकारात्मक संदेश दिया है। दिल्ली में आज सुबह हुई झमाझम बारिश का जिक्र करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा—”देवराज इन्द्र के आशीर्वाद स्वरूप आज प्रातः दिल्ली में हुई वर्षा ने वातावरण को नव ऊर्जा और ताजगी से भर दिया है। इसी मंगलमय वातावरण में संसद राष्ट्र की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के रूप में सभी माननीय सदस्यों का स्वागत करने के लिए तत्पर है।”
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लोकसभा अध्यक्ष ने संसद को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर बताते हुए याद दिलाया कि यह सदन देश की जन-आकांक्षाओं, आशाओं और विश्वास की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर संसदीय सत्र जनप्रतिनिधियों के लिए एक बड़ा अवसर होता है। सांसद सार्थक संवाद, विचार-विमर्श और प्रभावी विधायी कार्यवाही के जरिए जनता की उम्मीदों को राष्ट्रहित में बदल सकते हैं।
स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सभी सांसदों से एक खास अपील की है। स्पीकर ने उम्मीद जताई है कि—संविधान की भावना का पूरा सम्मान किया जाएगा औरसंसदीय परंपराओं और मर्यादाओं को बनाए रखा जाएगा,सदन की कार्यवाही में सभी सदस्य सकारात्मक सहयोग के साथ शामिल होंगे। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अधिकतम विधायी और संसदीय कार्यों को पूरा करना किसी एक की नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यही जनविश्वास को मजबूत करने और हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का सबसे सही रास्ता है।
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सत्र की शुरुआत के साथ ही अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी सांसदों का आह्वान करते हुए कहा है— “आइए, हम सब मिलकर इस सत्र को सार्थक विमर्श, जनहितकारी निर्णयों और संसदीय गरिमा के अनुरूप संचालित करने का सामूहिक प्रयास करें।” वहीं पीएम मोदी ने संसद के मानसून सत्र से पहले अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा की गई ‘मानसून’ संबंधी टिप्पणी का विशेष रूप से जिक्र किया | पीएम मोदी ने कहा कि सुबह स्पीकर ने सोशल मीडिया के माध्यम से जो सुंदर भाव व्यक्त किए हैं, वे उन विचारों का पूरा समर्थन करते हैं।
