Economy: जून तिमाही में हवाई यात्री सेवा की कीमतों में 32% और रेलवे में 3.5% की महंगाई बढ़ी

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Economy: जून तिमाही में हवाई यात्री सेवा की कीमतों में सालाना 32% महंगाई देखी गई। सोमवार को जारी महंगाई के आंकड़ों में शामिल सात प्रमुख सेवाओं में कीमतों में बढ़ोतरी की यह दर सबसे ज़्यादा थी। सरकार ने सोमवार को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए सात सेवाओं — बैंकिंग, सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन, इंश्योरेंस, पेंशन फंड मैनेजमेंट, रेलवे, हवाई (यात्री) और टेलीकॉम के लिए प्रोविज़नल सर्विस प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) जारी किए। इनका बेस ईयर 2022-23 का है।Economy

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इन आंकड़ों में वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही के लिए सर्विस PPI में महंगाई के अंतिम अनुमान भी दिए गए हैं। सर्विस PPI किसी सेवा के उत्पादन पर प्रोड्यूसर को मिलने वाली औसत कीमतों में बदलाव को मापता है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हवाई (यात्री) सेवा मूल्य सूचकांक में महंगाई सालाना आधार पर 31.94% बढ़ी। इसमें क्रमिक (sequential) महंगाई के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि इस सेक्टर के लिए मूल्य संदर्भ अवधि वित्त वर्ष 2025-26 को माना गया है।Economy

मौजूदा वित्त वर्ष की जून तिमाही के दौरान रेलवे यात्री सेवा मूल्य सूचकांक में सालाना महंगाई 3.50% बढ़ी, जो वित्त वर्ष 26 की मार्च तिमाही के समान दर है। वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बैंकिंग सेवा क्षेत्र में महंगाई 6.90% रही, जबकि वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में यह 3.30% थी। जून तिमाही में बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक और सिक्योरिटीज़ ट्रांज़ैक्शन सेवा मूल्य सूचकांक में क्रमशः 3.35% और 1.32% की गिरावट (deflation) देखी गई।Economy

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इसकी तुलना पिछली मार्च तिमाही में क्रमशः 4.10% की गिरावट और 0.55% की महंगाई से की जा सकती है। जून तिमाही में पेंशन फंड, इंश्योरेंस और टेलीकॉम सेक्टर के सूचकांकों में क्रमशः 5.20%, 0.98% और 0.72% महंगाई दर्ज की गई, जबकि मार्च तिमाही में यह क्रमशः (-)0.76%, 0.68% और 0.99% थी।Economy

सरकार आगे चलकर सर्विस PPI डेटा में और भी सेवाओं को शामिल करेगी। सरकार ने जून में सामान और सेवाओं, दोनों के लिए पहला PPI डेटा जारी किया था, ताकि प्रोड्यूसर के लेवल पर कीमतों में बदलाव को बेहतर ढंग से दिखाया जा सके। इससे अगले पांच सालों में होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) पर आधारित महंगाई के आंकड़ों को धीरे-धीरे खत्म करने का रास्ता साफ हो गया है।

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