Dharma: पितृ पक्ष 2026 की शुरुआत 27 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। इससे पहले घर की सफाई, पूर्वजों की तस्वीरों और दक्षिण दिशा से जुड़ी कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
Dharma Desk : पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने की अवधि माना जाता है। इस दौरान परिवार अपनी परंपरा के अनुसार श्राद्ध, तर्पण, दान और अन्य धार्मिक कार्य करता है। 2026 में पितृ पक्ष 27 सितंबर से शुरू होगा और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। 26 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा है, जबकि पितृ पक्ष की प्रतिपदा 27 सितंबर को होगी।
1. घर से बेकार और टूटा सामान हटाएं
पितृ पक्ष शुरू होने से पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करें। लंबे समय से इस्तेमाल नहीं होने वाले कपड़े, पुराने कागज, खाली पैकेट और टूटी-फूटी या बेकार चीजों को अलग कर दें। वास्तु मान्यताओं में घर को साफ और व्यवस्थित रखने को सकारात्मक वातावरण से जोड़ा जाता है। हालांकि, पूर्वजों से जुड़ी कोई पुरानी वस्तु भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है तो उसे फेंकने के बजाय साफ करके सुरक्षित रखना बेहतर है।Dharma
2. दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा को रखें साफ
वास्तु मान्यताओं में दक्षिण दिशा को पितरों से जुड़ा माना जाता है। पितृ पक्ष से पहले घर की दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा को अच्छी तरह साफ किया जा सकता है। अगर इन हिस्सों में पुराने डिब्बे, खराब सामान, टूटा फर्नीचर या लंबे समय से बेकार पड़ी चीजें रखी हैं तो उन्हें व्यवस्थित करें। इसके लिए किसी महंगे उपाय की जरूरत नहीं है, घर में मौजूद अनावश्यक सामान को हटाना ही पर्याप्त माना जाता है।Dharma
3. पूर्वजों की तस्वीरों को करें व्यवस्थित
पितृ पक्ष पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी माना जाता है। ऐसे में घर में लगी दादा-दादी, नाना-नानी या अन्य दिवंगत परिजनों की तस्वीरों को साफ कर व्यवस्थित किया जा सकता है। अगर कोई पुरानी तस्वीर खराब हो रही है तो उसकी डिजिटल कॉपी भी सुरक्षित रख सकते हैं। इस दौरान परिवार की पुरानी यादों और पूर्वजों से जुड़ी कहानियों को अगली पीढ़ी के साथ साझा करना भी स्मरण का एक तरीका हो सकता है।Dharma
4. लंबे समय से खराब सामान पर लें फैसला
घर में अक्सर घड़ी, कुर्सी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फोटो फ्रेम या दूसरी चीजें लंबे समय से खराब पड़ी रहती हैं। पितृ पक्ष से पहले ऐसे सामान की समीक्षा करें। अगर चीज उपयोगी है तो उसकी मरम्मत कराएं और अगर इस्तेमाल नहीं करनी है तो उसे घर से हटा दें या जरूरतमंद को दे दें। पूर्वजों से जुड़ी कोई वस्तु महत्वपूर्ण है तो उसे खराब हालत में रखने के बजाय साफ करके सुरक्षित स्थान पर रखें।
5. घर में बनाएं शांत और साफ जगह
पितृ पक्ष के दौरान प्रार्थना, तर्पण या पूर्वजों के स्मरण के लिए घर में एक साफ और शांत स्थान रखा जा सकता है। इसके लिए अलग से कोई बड़ा स्थान बनाने की जरूरत नहीं है। घर का कोई साफ कोना भी पर्याप्त हो सकता है। परिवार अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार इसी स्थान पर पूजा-पाठ या अन्य कर्म कर सकता है।
पितृ पक्ष से पहले सफाई क्यों मानी जाती है जरूरी?
पितृ पक्ष से पहले घर को साफ और व्यवस्थित करने की सलाह मुख्य रूप से धार्मिक और वास्तु मान्यताओं से जुड़ी है। इसका उद्देश्य घर के वातावरण को व्यवस्थित रखना और पूर्वजों के स्मरण के लिए शांत माहौल तैयार करना है। इसलिए इस दौरान महंगे वास्तु उपायों के बजाय घर की सफाई, अनावश्यक सामान हटाने और पूर्वजों से जुड़ी तस्वीरों व वस्तुओं को सम्मानपूर्वक संभालने पर ध्यान दिया जा सकता है।Dharma
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