Diwali-श्री सूक्त से लेकर सुंदरकांड तक, जानिए दिवाली की रात किन स्तोत्रों और मंत्रों का पाठ करना माना जाता है मंगलकारी….
News Desk : दिवाली का पर्व मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन घरों में दीप जलाने, रंगोली सजाने और शुभ मुहूर्त में पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की रात मां लक्ष्मी की पूजा के साथ कुछ विशेष स्तोत्रों और मंत्रों का जाप करना भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए पाठ से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की कामना की जाती है। इस दिवाली अगर आप भी पूजा के साथ कुछ विशेष पाठ करना चाहते हैं, तो इन धार्मिक स्तोत्रों को अपनी पूजा में शामिल कर सकते हैं।Diwali
1. श्री सूक्त का पाठ: मां लक्ष्मी की स्तुति के लिए श्री सूक्त को विशेष महत्व दिया जाता है। यह वैदिक स्तोत्र धन, वैभव और समृद्धि की कामना से पढ़ा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली की रात श्रद्धापूर्वक श्री सूक्त का पाठ करने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूजा के बाद शांत मन से इसका पाठ करना शुभ माना जाता है।
2. कनकधारा स्तोत्र: दिवाली की रात कनकधारा स्तोत्र का पाठ भी किया जा सकता है। इसकी रचना आदि शंकराचार्य से जुड़ी मानी जाती है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, यह स्तोत्र मां लक्ष्मी की कृपा और आर्थिक खुशहाली की कामना से पढ़ा जाता है। मान्यता है कि इसके नियमित पाठ से जीवन में धन-धान्य और सुख-समृद्धि की कामना पूरी होती है।
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3. लक्ष्मी चालीसा: मां लक्ष्मी की आराधना के लिए लक्ष्मी चालीसा का पाठ एक सरल धार्मिक उपाय माना जाता है। दिवाली की पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर इसका पाठ कर सकते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां लक्ष्मी का स्मरण करने और चालीसा पढ़ने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
4. सुंदरकांड या रामायण का पाठ: दिवाली का संबंध भगवान श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटने से है। इसी खुशी में अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। इसलिए इस दिन रामायण या सुंदरकांड का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुंदरकांड के पाठ से मनोबल बढ़ता है और भगवान श्रीराम तथा हनुमान जी का स्मरण करने का अवसर मिलता है।Diwali
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दिवाली पर इन मंत्रों का भी करें जाप
पाठ के अलावा दिवाली की रात मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी किया जा सकता है। पूजा के बाद श्रद्धा के साथ इन मंत्रों का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है।
मां लक्ष्मी का मूल मंत्र:
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।Diwali
लक्ष्मी गायत्री मंत्र:
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्॥ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन मंत्रों का जाप धन, वैभव और खुशहाली की कामना के लिए किया जाता है। ध्यान रखें कि पूजा-पाठ में संख्या से अधिक श्रद्धा, स्वच्छता और मन की एकाग्रता को महत्व दिया जाता है। अपनी सुविधा और सामर्थ्य के अनुसार इनमें से किसी एक या अधिक पाठ का चुनाव कर सकते हैं।Diwali
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