Amarnath Yatra: आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के तहत मंगलवार को जम्मू में भगवती नगर आधार शिविर में कई सुरक्षा और आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों की भागीदारी के साथ ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि 57 दिन तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा आगामी तीन जुलाई से शुरू होने वाली है।Amarnath Yatra:
उन्होंने बताया कि यह मॉक ड्रिल सुबह आठ बजे विशाल परिसर में शुरू हुई, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने हिस्सा लिया।
Read Also: लखनऊ अग्निकांड के बाद गाजियाबाद में 81 कोचिंग सेंटरों का किया गया निरीक्षण, 35 को नोटिस जारी
अधिकारियों के अनुसार, भगवती नगर यात्री निवास देशभर से आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए मुख्य आधार शिविर के रूप में कार्य करता है।श्रद्धालु कश्मीर के लिए रवाना होने से पहले यहीं ठहरते हैं और इसके बाद 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा की ओर बढ़ते हैं, जहां प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है।उन्होंने बताया कि तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले आधार शिविर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा।Amarnath Yatra:
Read Also: Iran Travel Advisory : भारत ने हालात में सुधार के बावजूद ईरान की गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी
यह यात्रा दो रास्तों से होकर गुजरती है। इसमें पहला दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में स्थित पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है।दूसरा मार्ग मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है, जो छोटा लेकिन अधिक ढलान वाला रास्ता है।अधिकारियों ने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न आपातकालीन स्थितियों का कृत्रिम रूप से तैयार कर अभ्यास किया गया, ताकि सभी एजेंसियों की तैयारी, आपसी समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता को परखा जा सके।उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
