Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश के निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को घोषणा की कि देश में राष्ट्रपति चुनाव 20 अगस्त को कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने ये घोषणा राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से दो साल पहले ही इस्तीफा देने के दो हफ्ते बाद की है। शहाबुद्दीन (76) हिंसक छात्र आंदोलन के बाद अपदस्थ की गईं प्रधानमंत्री शेख हसीना के लंबे समय से सहयोगी रहे हैं। Bangladesh Election 2026
निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरुद्दीन ने संसद के कार्यवाहक अध्यक्ष कैसर कमाल से विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान की तारीख तय की है।’’
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बांग्लादेश के संविधान के मुताबिक संसद सदस्य राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं, लेकिन राष्ट्राध्यक्ष को चुनने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग संचालित करता है। अख्तर अहमद ने बताया कि सांसद 20 अगस्त को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक जातीय संसद के सत्र कक्ष में राष्ट्रपति के लिए मतदान करेंगे। हालांकि, सर्वसम्मति से उम्मीदवार तय होने की स्थिति में मतदान की जरूरत नहीं होगी। Bangladesh Election 2026
चुनाव के लिए निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन पत्र 13 अगस्त को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। नामांकन पत्र की जांच 16 अगस्त को सुबह 10:00 बजे से होगी। अहमद के मुताबिक, 18 अगस्त को दोपहर चार बजे तक उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के मुताबिक, अहमद ने संवाददाताओं को बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा संसद के अध्यक्ष हाफिज उद्दीन अहमद से बातचीत के बाद की गई। Bangladesh Election 2026
हाफिज उद्दीन अहमद संविधान के तहत 90 दिनों के लिए कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम कर रहे हैं। बांग्लादेश के संविधान के मुताबिक 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना अनिवार्य है। अहमद ने कहा कि चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार कर ली गई है और बाकी प्रशासनिक प्रक्रियाएं चुनाव से पहले पूरी कर ली जाएंगी। बांग्लादेश की आजादी के लिए 1971 में हुए मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिक और निचली अदालत के पूर्व न्यायाधीश शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी।
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उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, शहाबुद्दीन का यह इस्तीफा ऐसे समय में आया जब यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रधानमंत्री रहमान की सरकार उनके साथ काम करने में सहज नहीं थी। कुछ खबरों में दावा किया गया था कि शहाबुद्दीन ने हसीना से फोन पर संपर्क किया था, जिससे सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के शीर्ष नेतृत्व को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति ने खबरों का खंडन करते हुए इन्हें ‘बेबुनियाद’ करार दिया था।प्रधानमंत्री रहमान की बीएनपी के पास 350 सदस्यों वाली संसद में दो-तिहाई बहुमत है। लेकिन राष्ट्रपति चुनाव के लिए अभी तक उसने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
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