Bihar news: बिहार की सियासत में आज एक नया इतिहास लिख दिया गया। बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने थोड़ी देर पहले बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ये पहला मौका है जब बिहार में बीजेपी का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है और इसी के साथ सम्रात चौधरी का पकड़ी का वादा भी पूरा हो गया, जब 2022 में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कसम खाई थी कि जब तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से नहीं हटा देंगे,वो (नीतीश कुमार) अपनी केसरिया पगड़ी नहीं उतारेंगे
बता दें, पटना के लोक भवन में आज सुबह बिहार को उसका नया मुख्यमंत्री मिल गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू के विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और गठबंधन के तमाम बड़े नेता मौजूद रहे।
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Bihar news- प्रधानमंत्री मोदी इसके लिए कल रात ही पटना पहुंच गए थे। मंगलवार 14 अप्रैल का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम रहा। सुबह नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आखिरी कैबिनेट बैठक हुई। इसके बाद नीतीश कुमार, निवर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। नीतीश कुमार पिछले हफ्ते 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ले चुके हैं। इस्तीफे के बाद उन्होंने एक्स पर लिखा कि अब नई सरकार बिहार का काम देखेगी और उसे उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। नीतीश के इस्तीफे के बाद पटना में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। Bihar news
केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष की मौजूदगी में निवर्तमान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने सम्राट चौधरी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे मंगल पांडे, रेणु देवी और दिलीप जायसवाल ने समर्थन दिया। इसके बाद सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से बीजेपी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। शाम को हुई एनडीए विधायक दल की बैठक में भी सम्राट चौधरी को नेता चुना गया। खुद नीतीश कुमार ने उनका नाम प्रस्तावित किया और माला पहनाकर बधाई दी। जब सम्राट चौधरी माला उतारने लगे तो नीतीश ने उन्हें पहने रहने को कहा। बैठक के बाद एनडीए के नेताओं ने राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। Bihar news
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57 साल के सम्राट चौधरी मुंगेर की तारापुर सीट से विधायक हैं और कुशवाहा समाज से आते हैं। ये समुदाय बिहार में यादवों के बाद सबसे बड़ा ओबीसी समूह है। सम्राट चौधरी ने 1990 में राजनीति शुरू की थी। वे लालू यादव की आरजेडी और नीतीश की जेडीयू में रहने के बाद 2017 में बीजेपी में शामिल हुए थे। बीजेपी में आने के बाद वे नीतीश कुमार के प्रखर आलोचकों में गिने जाते थे। 2022 में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कसम खाई थी कि जब तक नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से नहीं हटा देंगे,वो (नीतीश कुमार) अपनी केसरिया पगड़ी नहीं उतारेंगे।
शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि ये पद उनके लिए बिहार की जनता की सेवा का पवित्र अवसर है। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने राजनीति नीतीश कुमार से सीखी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बिहार को विकास और सुशासन की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।फिलहाल तीन सदस्यों ने शपथ ली है। मंत्रिमंडल का विस्तार अगले कुछ दिनों में किया जाएगा। बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं और बीजेपी 89 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है।एंकर: तो बिहार को आज अपना पहला बीजेपी मुख्यमंत्री मिल गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार के सामने अब सुशासन और विकास के वादों को जमीन पर उतारने की चुनौती है।
