ओमिक्रॉन से जुडी साउथ अफ्रीका के एक्सपर्ट्स की नई रिपोर्ट ने एक बार फिर दुनिया के सभी देशों को हैरत में डाल दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन से री-इन्फेक्शन का खतरा तीन गुना ज्यादा है। यानि जो लोग कोरोना से पहले संक्रमित हो चुके हैं, उन्हें भी ओमिक्रॉन से इन्फेक्ट होने का खतरा है।
नवंबर के आखिरी हफ्ते में साउथ अफ्रीका ने इस वैरिएंट को लेकर दुनिया को आगाह किया था जिससे दुनियाभर की चिंता बढ़ गयी थी। रिपोर्ट से ये बात साफ़ है कि वैक्सीन ले चुके या कोरोना से संक्रमित हो चुके लोगों को भी इससे बचाव करने की जरूरत है।
साउथ अफ्रीका में अभी हर दिन हजारों नए मामले सामने आ रहे हैं। यह आंकड़े नवंबर के पहले और दूसरे हफ्ते की तुलना में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक गुरुवार को सबसे ज्यादा 11,500 केस मिले हैं। अब तक साउथ अफ्रीका के 9 प्रांतों में से 5 प्रांत में ओमिक्रॉन के मामले सामने आये हैं। इसके अलावा भारत सहित अब तक 25 से ज्यादा देशों में इस नए वैरिएंट के मरीज़ मिले हैं।
ओमिक्रोन वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में बहुत ज़्यादा म्यूटेशन्स होने की वजह से यह 5 गुना तक ज़्यादा संक्रामक माना जा रहा है। अब तक 30 से ज़्यादा म्यूटेशन्स होने की वजह से यह वैक्सीन इम्युनिटी को बाईपास कर सकता है, जिस वजह से वैक्सीन इस पर पूरी तरह से कारगर नहीं है। हालाँकि वैक्सीन इसके बाद भी इस वैरिएंट के खिलाफ काफ़ी हद्द तक सुरक्षा प्रदान कर रही है।
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