Gujarat: गुजरात के खेड़ा जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने एक खास अभियान चलाया। ये पहल हादसों के डेटा का विस्तार से विश्लेषण करके शुरू की गई, ताकि ये समझा जा सके कि हादसे कहां, कब और क्यों हो रहे थे? विश्लेषण से पता चला कि जिले में हर साल औसतन लगभग 250 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। अहमदाबाद-वडोदरा राष्ट्रीय राजमार्ग, अहमदाबाद-उदयपुर राजमार्ग और नाडियाड-मोडासा राजय राजमार्ग सबसे ज्यादा हादसे वाली सड़कें पाई गईं। गलत साइड ड्राइविंग, ओवरलोडिंग, ओवर स्पीडिंग और हेलमेट या सीट बेल्ट न पहनना हादसों के मुख्य कारण बताए गए। Gujarat
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इन नतीजों के आधार पर पुलिस ने ट्रैफिक नियमों को लागू करने, शिक्षा और सड़क इंजीनियरिंग को कवर करके तीन खास अभियान चलाए। इंटरसेप्टर गाड़ियों का इस्तेमाल करके राजमार्ग पर निगरानी बढ़ाई गई और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। साथ ही, स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों पर 50,000 से ज्यादा लोगों को ट्रैफिक नियमों के बारे में जागरूक किया गया।
सड़क इंजीनियरिंग उपायों के तहत, ब्लैक स्पॉट और सड़क की कमियों को ठीक किया गया। इसके परिणामस्वरूप, अक्टूबर से दिसंबर 2024 के बीच मौतों की संख्या 69 से घटकर 2025 में इसी अवधि के दौरान 55 हो गई। इसका मतलब है कि खेड़ा पुलिस के अभियान से 14 लोगों की जान बचाई गई, जिससे ये साबित होता है कि सख्त कार्रवाई और जन जागरूकता के मेल से सड़क दुर्घटनाओं को काफी कम किया जा सकता है।
