Haryana: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ से एक साथ कई योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में करोड़ों रुपए की राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता के साथ सीधा लाभ पहुंचाना है। इस दौरान किसानों से लेकर छात्राओं और बुजुर्गों तक को एक क्लिक पर पैसा मिला।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त जारी की। इसके तहत 9 लाख 76 हजार बहनों के खातों में 205 करोड़ रुपए भेजे गए। साथ ही 18 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के तहत 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों को 1146 करोड़ 73 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की गई। SC-BC वर्ग के 64 हजार 923 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 100 करोड़ 45 लाख रुपए दिए गए। अब इस छात्रवृत्ति को केंद्र के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल से जोड़ दिया गया है। दयालु योजना के तहत 5677 परिवारों को 215 करोड़ 29 लाख रुपए की मदद भेजी गई। वहीं 11 लाख 23 हजार बहनों के खातों में गैस सिलेंडर सब्सिडी के 38 करोड़ 54 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए।
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Haryana- किसानों के लिए भी आज बड़ी राहत आई। खरीफ 2025 में फसल नुकसान के लिए 1 लाख 50 हजार 583 किसानों को 370 करोड़ 52 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया। CM ने बताया कि पिछले 11 साल में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 9 हजार 888 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम दिए गए हैं। भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी उगाने वाले 5296 किसानों को 38 करोड़ 88 लाख रुपए दिए गए। इस योजना में अब तक कुल 196 करोड़ 3 लाख रुपए बांटे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार DBT के जरिए सीधा पैसा खाते में भेज रही है। न कोई बिचौलिया, न कोई कट। आज एक क्लिक में 2200 करोड़ से ज्यादा की राशि लोगों तक पहुंचाई है। किसानों को J-Form के लिए अब आढ़ती के पास नहीं जाना पड़ेगा, वो सीधे व्हाट्सएप पर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने आज दो नए डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए। पहला, J-Form को किसानों के व्हाट्सएप नंबर पर सीधे भेजने वाला एप। अब किसान को फॉर्म के लिए आढ़ती के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दूसरा, ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम। CM ने कहा कि इससे समय बचेगा और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा। CM ने बताया कि अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की MSP पर खरीद हो चुकी है और किसानों को 16 हजार 481 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि एक-एक दाने की खरीद और 72 घंटे में भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।
