भारतीय नागरिकों को लेकर पहली चार्टर उड़ान शुक्रवार सुबह इजराइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे से भारत पहुंची। इस विमान से युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे बच्चों समेत 200 से ज्यादा लोगों को भारत लाया गया है।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को इजराइल में फंसे भारतीयों की वापसी की सुविधा के लिए ‘ऑपरेशन अजय’ शुरू करने की घोषणा की थी।
तेल अवीव से ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत संचालित होने वाली विशेष उड़ान में चढ़ने के लिए हवाई अड्डे पर भारतीयों की लंबी कतार थी।मिशन के डेटाबेस में सभी भारतीयों को रजिस्टर करने के लिए भारतीय दूतावास की तरफ से शुरू किए गए एक अभियान के बाद यात्रियों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर चुना गया था। उनकी वापसी का खर्च सरकार उठा रही है।
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उड़ान की व्यवस्था उन लोगों की वापसी की सुविधा के लिए की गई थी जो ऐसा करने में असमर्थ थे क्योंकि एअर इंडिया ने सात अक्टूबर को इजराइल-हमास संघर्ष शुरू होने वाले दिन तुरंत अपनी उड़ान निलंबित कर दी थी।बेन गुरियन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इजराइल का प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। ये लोद शहर के बाहरी इलाके में बना है।बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार सुबह नौ बजे के बीच इजराइल पर कोई रॉकेट नहीं दागा गया है, कुछ विश्लेषकों का कहना है कि हमास ने अंतिम जमीनी घुसपैठ के लिए हथियारों के लिए भंडार जमा कर रखा है।
भारतीय यात्री ने कहा कि शुरुआत तो सात तारीख से हुई थी, सात तारीख की सुबह हम अलार्म से जगे हैं वहां पर। लेकिन अभी जो स्थिति है वो इतनी खराब तो नहीं है क्योंकि अभी जो कुछ भी है वो सीमाओं पर है। हम लोग मध्य इजराइल से हैं। जो सरकार ने एक कदम उठाया है वो बहुत ही सराहनीय कदम है कि हम लोग समय रहते आ गए हैं। क्योंकि कुछ कहा नहीं जा सकता है कि लड़ाई क्या रूप ले ले।

