Pinarayi Vijayan : केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों को अभूतपूर्व चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गणतंत्र दिवस के अवसर पर धर्मनिरपेक्षता और संघवाद की रक्षा के लिए एकता का आह्वान किया।गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री विजयन ने फेसबुक पर लिखा कि ये दिन भारत के एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बनने की गौरवशाली यादों को ताजा करता है, जबकि संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता और संघवाद के सिद्धांतों को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। Pinarayi Vijayan Pinarayi Vijayan Pinarayi Vijayan Pinarayi Vijayan
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उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि भारत के उस विचार की आत्मा है जो विविधता का सम्मान करता है और समान न्याय की गारंटी देता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अवसर “विविधता में एकता” की अवधारणा को कमजोर करने और एक ही विचारधारा थोपने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने का आह्वान करता है।उन्होंने कहा कि शक्तिशाली केंद्र और सशक्त राज्यों की संघीय अवधारणा गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। हमें उन नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए जिनका उद्देश्य राज्यों की वित्तीय शक्तियों को कम करके और संवैधानिक संस्थाओं को राजनीतिक उपकरण बनाकर संघवाद को कमजोर करना है।
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मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि केरल के वैकल्पिक विकास मॉडल, जो सत्ता के विकेंद्रीकरण और जनभागीदारी पर आधारित हैं, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के संघर्ष को मजबूती देता हैं।धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के प्रति नए सिरे से प्रतिबद्धता का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला प्रेम और भाईचारे से किया जाना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि भारत की रक्षा के इस संघर्ष में हम सब मिलकर आगे बढ़ें – एक नए केरल और एक प्रगतिशील भारत के लिए आगे बढ़ें। Pinarayi Vijayan Pinarayi Vijayan
