Prayagraj: एक व्हिस्की ब्रांड का नाम ‘संगम’ रखे जाने पर प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस पवित्र शहर के नागरिकों और साधु-संतों का कहना है कि इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।पार्षद राजू शुक्ला ने कहा, “खुद ‘संगम’ शब्द ही प्रयागराज के गौरवशाली इतिहास को दर्शाता है। शराब के किसी ब्रांड के लिए ‘संगम’ नाम का इस्तेमाल करना सनातन धर्म और प्रयागराज का सीधा अपमान है।
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‘संगम वर्ल्ड माल्ट व्हिस्की’ को उत्तर प्रदेश की एक जानी-मानी डिस्टिलरी ने लॉन्च किया है।नगर निगम के कार्यकारी सदस्य अब्दुल समद ने इस ब्रांडिंग की कड़ी आलोचना की है।समद ने कहा, “हमारी आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। हमने मांग की थी कि संगम के पास पांच किलोमीटर के परिक्रमा क्षेत्र में मांस न बेचा जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।Prayagraj:
इसके बजाय, ‘संगम’ नाम से शराब बनाई जा रही है और इसे विदेशों में भी निर्यात किया जा रहा है। इस मामले में केस दर्ज होना चाहिए… अगर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।”प्रयागराज में संगम तीन पवित्र नदियों—गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती—का पवित्र मिलन स्थल है।संत रामानुजाचार्य नारायणाचार्य शांडिल्य महाराज ने कहा, “ये एक बहुत ही गंभीर अपराध है। ‘संगम’ नाम से शराब क्यों बेची जा रही है? ये संतों का अपमान है और खुद संगम का भी अपमान है।“Prayagraj:
