कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने RSS से कहा- अहंकार छोड़ें और कानून का पालन करें

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) से अहंकार छोड़कर कानून का पालन करने को कहा है। प्रियांक खरगे ने कहा कि एक तरफ तो RSS दावा करता है कि उसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है वहीं दूसरी ओर वे समाज और राजनीति पर व्यापक प्रभाव रखता है, जो कि स्वीकार्य नहीं है।

प्रियांक खरगे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा संघ को पंजीकृत कराने की मांगों को खारिज किए जाने के जवाब में सोमवार देर रात पोस्ट में ये बात कही। उन्होंने कहा कि भागवत का ये दावा सबसे अधिक चिंताजनक है कि RSS किसी भी सवाल का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है। उन्होंने कहा ‘‘जबकि वे करदाताओं के पैसे से मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाओं और प्रोटोकॉल का लाभ उठाते हैं ।’’

Read Also: मसूरी के होमस्टे में गुरुग्राम की आईटी पेशेवर महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

प्रियांक खरगे ने कहा कि ये ऐसी मानसिकता को दर्शाता है जिसमें सार्वजनिक जवाबदेही को वैकल्पिक माना जाता है और ये समझा जाता है कि संगठन कानूनी जांच-परख से ऊपर है। उन्होंने कहा, ‘‘ एक संवैधानिक लोकतंत्र में कोई भी संस्था चाहे वे कितनी ही पुरानी या प्रभावशाली क्यों न हो ऐसा विशेषाधिकार नहीं रखती। अहंकार छोड़िए, कानून का पालन कीजिए और अपने ‘पदाधिकारियों’ या ‘कानूनी प्रमुखों’ को मेरे पास भेजिए, ताकि वे मुझे इसका स्पष्टीकरण दें।’’

प्रियांक खरगे ने कहा, ‘‘मैं स्थिति को स्पष्ट कर देना चाहता हूं। RSS को एक सांस्कृतिक संगठन होने का पूरा अधिकार है, ये उनका निर्णय है। लेकिन ये संभव नहीं है कि वे समाज और राजनीति पर व्यापक प्रभाव भी रखे और बार-बार ये भी दावा करे कि उसका कोई राजनैतिक एजेंडा नहीं है, इसलिए वे किसी भी सार्वजनिक जवाबदेही के लिए बाध्य नहीं है। स्वयं बीजेपी भी RSS को अपना वैचारिक मार्गदर्शक मानती है और सार्वजनिक जीवन पर उनका प्रभाव स्पष्ट और निर्विवाद है।’’

राज्य के गृह मंत्री ने दावा किया कि RSS 2500 से अधिक संबद्ध संगठनों के विशाल तंत्र के माध्यम से, देश और विदेश दोनों से दान प्राप्त करता है और दिल्ली तथा अन्य राज्यों की राजधानियों में स्थित विशाल मुख्यालयों से संचालित होता है। उन्होंने कहा, ‘‘RSS प्रमुख को ‘एडवांस्ड सिक्योरिटी लाइजन प्रोटोकॉल’ प्राप्त है और RSS के अन्य लोगों को भी करदाताओं द्वारा वित्तपोषित प्रोटोकॉल मिलते हैं, इसलिए जनता को ये जानने का अधिकार है कि क्या ये संगठन उन्हीं कानूनी मानकों का पालन करता है, जो सभी के लिए अपेक्षित हैं।”

Read Also: दिल्ली के दयालपुर में एक व्यक्ति पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या, वारदात CCTV में कैद

प्रियांक खरगे ने कहा कि कानून के तहत औपचारिक मान्यता मिलने से इस विरोधाभास का समाधान एक बार और हमेशा के लिए हो जाएगा। केरल के त्रिशूर में रविवार को एक बातचीत के दौरान भागवत ने RSS को पंजीकृत कराने की मांगों को खारिज कर दिया था और कहा था कि संगठन न तो गोपनीय रूप से काम करता है और न ही सार्वजनिक जांच से बाहर है। उन्होंने कहा कि संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है और वह अपनी गतिविधियां खुले रूप से संचालित करता है।

पंजीकरण की मांग को राजनीति बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास संगठन के लिए कुछ नया नहीं हैं। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से कहा कि वे अपना पंजीकरण कराए, अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और वित्तपोषण के स्रोत, आय, खर्च और संपत्ति का खुलासा करे। उन्होंने कहा कि RSS को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए।

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *