Ministry Of External Affairs: विदेश मंत्रालय MEA के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कई महत्वपूर्ण वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया है। विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अमेरिका के साथ संबंधों समेत कई अहम राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का रुख साफ किया है। Ministry Of External Affairs
अरुणाचल प्रदेश के स्थलों के नाम बदलने और चीन की प्रतिक्रिया पर बात करते हुए प्रवक्ता ने कड़े शब्दों में कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और रहेगा। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारत और चीन के बीच सीमा पर शांति व स्थिरता बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए बेहद आवश्यक है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल ही में आयोजित डब्ल्यूएमसीसी (WMCC) की 36वीं बैठक में दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति पर स्पष्ट चर्चा हुई है।
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वही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों और विरोध प्रदर्शनों पर विदेश मंत्रालय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि PoK में आम लोगों के असंतोष को दबाने के लिए दमन और हिंसा का सहारा लिया जा रहा है,भारत ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे पाकिस्तान को इन मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराएं । Ministry Of External Affairs
वही रूसी तेल खरीद और ऊर्जा नीति पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता ने दोहराया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा भारत के नागरिकों की ज़रूरतों को पूरा करने पर आधारित है। भारत विविध स्रोतों से अपनी ऊर्जा आवश्यकताएं पूरी करता रहेगा। इसके अलावा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए आगे बढ़ रहा है। Ministry Of External Affairs
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंजीत जायसवाल ने कहा कि ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत कर रहा है। बांग्लादेश के संदर्भ में विदेश मंत्रालय ने बताया कि बांग्लादेशी प्रधानमंत्री को भारत की द्विपक्षीय यात्रा और ब्रिक्स सत्र के लिए आमंत्रित किया गया है। बहरहाल विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि भारत अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आवश्यकताओं से कोई समझौता नहीं करेगा और वैश्विक मंचों पर अपने हितों की रक्षा मुस्तैदी से करता रहेगा। Ministry Of External Affairs
