देश के शूटिंग लेजेंड जसपाल राणा को आखिरी विदाई देने के लिए शनिवार को वाराणसी में सैकड़ों लोग नम आंखों के साथ जमा हुए। दिल की बीमारी से जुड़ी दिक्कतों के कारण निधन के दो दिन बाद, उनके पार्थिव शरीर को एयर एम्बुलेंस से देहरादून से वाराणसी लाया गया।
आपको बता दें, 49 साल के राणा का गुरुवार को कुछ समय की बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें भारत के बेहतरीन पिस्टल शूटर्स में से एक माना जाता था। उन्होंने कोचिंग में भी शानदार काम किया और 2024 के पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर को दो ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
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वाराणसी लाए जाने से पहले इस शूटिंग आइकन को पूरे राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। मणिकर्णिका घाट पहुंचने पर भी उन्हें वही सम्मान दिया गया, जहां उनके बेटे युवराज ने राणा के भाई सुभाष, परिवार के अन्य सदस्यों, शूटिंग जगत के लोगों और समाज के हर वर्ग के लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया। वहां मौजूद लोगों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और बीजेपी विधायक पंकज सिंह, बीजेपी राज्य मंत्री शंकर गिरी और पार्टी के अन्य नेता व कार्यकर्ता शामिल थे।
राणा के पार्थिव शरीर को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी गई और औपचारिक सलामी दी गई। आम लोगों के श्रद्धांजलि देने के लिए शव को एयरपोर्ट के एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स में रखा गया था। उसके बाद पार्थिव शरीर को एम्बुलेंस से राजघाट और फिर अंतिम संस्कार के लिए मणिकर्णिका घाट ले जाया गया।
