झारखंड के रामगढ़ जिले में शनिवार को 40 फुट गहरी एक अवैध खदान में खनन के दौरान संदिग्ध रूप से दम घुटने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी है।
आपको बता दें, यह घटना रामगढ़ पुलिस थाना क्षेत्र के अरगाडा के पास वन क्षेत्र में घटी है। रामगढ़ पुलिस थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने बताया कि चारों शव खदान से बरामद करके पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस थाना प्रभारी ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि खदान के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मृत्यु हुई है। घटना की जांच की जा रही है।’’ उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान हजारीबाग जिले के गिद्दी थाना क्षेत्र के छोटकी टोंगी गांव निवासी देव बेदिया (30) और डबलू बेदिया (36), रामगढ़ जिले के बुध बाजार के निवासी किशोर रवानी (33) और आशीष कुमार नटवर के रूप में हुई है।
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‘सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड’ (सीसीएल) के अरगाडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार ने पीटीआई वीडियो को बताया कि घटना स्थल सीसीएल के कमांड क्षेत्र से बाहर है। उन्होंने बताया कि सीसीएल के पट्टे वाले क्षेत्र से बाहर वन भूमि में स्थित लगभग 40 फुट गहरी अनधिकृत खदान में ऑक्सीजन की कमी के कारण चार ग्रामीण बेहोश हो गए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने रामगढ़ जिला प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हाल ही में खनन विभाग की समीक्षा की थी और अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए थे।
साहू ने एक बयान में कहा, ‘‘इससे पहले भी मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात बार-बार कर चुके हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश का राज्य में कहीं भी कोई असर नजर नहीं आ रहा है और माफिया गिरोह अपना दबदबा कायम रखे हुए हैं।’’ उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को यह खुलासा करना चाहिए कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
