Peace agreements: शांति समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच डील फाइनल हो गयी है। औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने की संभावना है। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर सहमति बन गई है राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे महत्वपूर्ण बताया है। वहीं ईरान की ओर से सुप्रीम काउंसिल ने भी समझौते की पुष्टि करते हुए पहली बार बयान जारी किया है।
Read Also-Politics: भूपेंद्र हुड्डा ने की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात
दोनों पक्षों ने एक प्रारंभिक समझौते – मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर सहमति जताई है। इस समझौते में तत्काल और स्थायी सीजफायर, होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना, अमेरिकी नौसैनिक ब्लॉकेड हटाना और आगे 60 दिनों में परमाणु कार्यक्रम समेत बाकी मुद्दों पर बातचीत शामिल है। औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने की संभावना है।Peace agreements
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने दुनिया भर में गंभीर आर्थिक व्यवधान पैदा किए थे और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि यह समझौता क्षेत्रीय शांति बहाल करेगा, वैश्विक बाजारों को स्थिरता देगा और नेविगेशन तथा व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा। उन्होंने सभी लंबित मुद्दों के स्थायी समाधान की भी अपील की।Peace agreements
Read Also-Healthcare: केरलम में शिगेला संक्रमण से सात साल के बच्चे की हुई मौत
यह समझौता तेल की कीमतों में भारी गिरावट और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है। हालांकि इजराइल ने इस डील को खारिज करते हुए अपनी स्वतंत्र कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। भारत जैसे देशों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पश्चिम एशिया की अस्थिरता हमारी ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों दोनों को प्रभावित करती है।Peace agreements
