Bakhtiyor Saidov: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मित्रता सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों पर आधारित हैं । बिरला ने उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सैदोव से मुलाकात के दौरान यह विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के सुदृढ़ होने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा दोनों देशों के लोगों के बीच अधिक आदान-प्रदान होने से आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी। Bakhtiyor Saidov
बख्तियोर सैदोव ने संसद भवन में ओम बिरला से मुलाकात की।दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें संसदीय सहयोग, व्यापार और निवेश, शिक्षा, संस्कृति तथा पारस्परिक क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विशेष बल दिया गया।
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भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं के संबंध में बिरला ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में भारत में एक जीवंत संसदीय प्रणाली है जो देश के लोगों की आकांक्षाओं और विविधता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 543 सदस्यों वाली लोक सभा देश के करोड़ों नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती है और भारत की बहुदलीय व्यवस्था अलग-अलग दृष्टिकोणों और रचनात्मक वाद-विवाद के लिए समान अवसर प्रदान करती है। लोक सभा के कामकाज के बारे में बिरला ने बताया कि प्रति वर्ष संसद के तीन सत्र आयोजित किए जाते हैं, और वर्तमान मानसून सत्र में राष्ट्रीय महत्व के कई मामलों पर सक्रिय रूप से विचार-विमर्श हो रहा है। Bakhtiyor Saidov
ओम बिरला ने अवसंरचना विकास, डिजिटल नवाचार, प्रौद्योगिकी, संपर्क, निवेश और व्यापार के क्षेत्र में भारत की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के युवा वैश्विक मंच पर नेतृत्व की भूमिका में आ रहे हैं तथा अग्रणी विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ हमारा सहयोग निरंतर बढ़ रहा है। मार्च 2026 में गठित भारत–उज़्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह का उल्लेख करते हुए, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विधायी सहभागिता को नई गति प्रदान करेगी तथा आर्थिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और जनता के बीच आपसी सहयोग को और गहरा बनाएगी। Bakhtiyor Saidov
अप्रैल 2025 में ताशकंद में आयोजित अंतर‑संसदीय संघ (आईपीयू) की 150वीं महासभा का उल्लेख करते हुए बिरला ने उज़्बेकिस्तान के प्रेसिडेंट शवकत मिर्ज़ियोयेव; सीनेट की चेयरपर्सन, महामहिम सुश्री तंज़िला नारबायेवा;और लेजिस्लेटिव चैम्बर के स्पीकर नुरिद्दीन इस्माइलोव के साथ हुए संवाद के बारे में बात की । उन्होंने कहा कि इन उच्च‑स्तरीय दौरों से दोनों देशों के बीच संसदीय सहयोग की नींव मजबूत हुई है। द्विपक्षीय संबंधों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि वर्तमान दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापक साझेदारी को और अधिक मजबूती मिलेगी।
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बख्तियोर सईदोव ने भारत के साथ बहुआयामी साझेदारी को मजबूत बनाने की उज़्बेकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करते हुए कहा कि ताशकंद के लिए राजनीतिक, आर्थिक और संसदीय सहयोग का विस्तार करना बहुत महत्वपूर्ण है। भारत की सुदृढ़ लोकतांत्रिक परंपराओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का विधायी अनुभव उज़्बेकिस्तान के लिए अत्यंत लाभप्रद रहेगा ।सईदोव ने इस बात पर जोर दिया कि संसदीय आदान-प्रदान में वृद्धि हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को सार्थक रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने व्यापार, निवेश, संयुक्त परियोजनाओं और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए साझा दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। Bakhtiyor Saidov
इस अवसर पर बख्तियोर सैदोव ने ओम बिरला को एक विशेष प्रकाशन भेंट किया, जिसमें उज़्बेकिस्तान की मेजबानी में हुई अंतर‑संसदीय संघ (आईपीयू) की 150वीं महासभा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। Bakhtiyor Saidov
