USA: अमेरिका- ईरान के बीच शांति वार्ता डील पर मुहर लग गई है।दिलचस्प बात यह है कि यह सिग्नेचर डिप्लोमेसी दो अलग-अलग जगहों से पूरी हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जहाँ फ्रांस का दौरा करते हुए वहाँ से इस समझौते पर साइन किए, वहीं ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन इस बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े। ट्रंप ने फ्रांस के Versailles Palace में G7 समिट के दौरान फ्रेंच राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मेजबानी में डिनर के बाद इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। वहीं ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने तेहरान से वर्चुअली जुड़कर इस समझौते पर हस्ताक्षर किये।USA:
Read Also: Share Market: अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद के बीच लगातार पांचवे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार
वही ट्रंप ने इसे “परमाणु करार के लिए महत्वपूर्ण” बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र में स्थिरता लाएगा।अमेरिका और ईरान के बीच यह सहमति पूरे 14 सूत्री फार्मूले पर बनी है। इस फार्मूले में दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रतिबंधों में ढील और मध्य-पूर्व में शांति बहाली और परमाणु करार जैसे कई बेहद संवेदनशील और बड़े मुद्दे शामिल हैं। दोनों ही पक्ष इस 14 सूत्रीय एजेंडे पर पूरी तरह सहमत नजर आए हैं।यह 14-सूत्री फॉर्मूला Islamabad Memorandum के नाम से जाना जा रहा है।इसमे कई मुख्य बातें शामिल हैं: इसमे Strait of Hormuz तुरंत फिर से खोलना, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बहाल होगी। USA:
Read Also: राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने AMU में सर सैयद अहमद मेमोरियल लेक्चर दिया
इसमे लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्धविराम की पुष्टि की गई है। इसमे ईरान पर कुछ प्रतिबंध हटाना और पुनर्निर्माण के लिए करोड़ो $ का प्लान भी है।वही परमाणु करार पर अगले 60 दिनों में पूर्ण समझौते के लिए बातचीत होगी।
ईरान द्वारा उच्च संवर्धित यूरेनियम को डाउन-ब्लेंडिंग किया जायेगा।ट्रंप ने इस समझौते को “शांति की दिशा में बड़ा कदम” बताया, जबकि ईरान ने भी इसे तुरंत प्रभावी माना है।USA:
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे तेल की कीमतें कम हो सकती हैं और क्षेत्रीय तनाव घट सकता है।हालांकि, इजराइल जैसे सहयोगी अभी भी लेबनान में ऑपरेशंस जारी रखने की बात कर रहे हैं।बहरहाल पूर्व घोषित कार्यक्रम के मुताबिक अमेरिका-ईरान के बीच 19 तारीख को स्विट्जरलैंड जेनेवा में MoU पर साइन होने थे लेकिन इससे पहले ही ट्रंप और ईरान ने सभी को चौकाते हुए वर्साय पैलेस में समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।वर्साय वहीं ऐतिहासिक स्थान है जहां प्रथम विश्व युद्ध के बाद 28 जून 1919 को ऐतिहासिक संधि हुई थी जिसे वर्साय की संधि के रूप में जाना जाता है और प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति की घोषणा यही से हुई थी।USA:
