थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने राष्ट्रीय इच्छाशक्ति को सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ व्यक्त करने का एक ऐसा मानदंड स्थापित किया है, जो उकसावे के प्रति भारत की प्रतिक्रिया को परिभाषित करता है। Operation Sindoor
खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि कैडेट ऐसी दुनिया में कदम रख रहे हैं, जो ‘‘परिचय के लिए नहीं रुकती’’ और आज के खतरे ‘‘हमेशा वर्दी में या घोषित मोर्चे से नहीं आते।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विवादित अस्पष्ट क्षेत्रों से लेकर तीव्र गति वाले हाइब्रिड युद्ध तक आज का सुरक्षा परिवेश यह मांग करता है कि देश की सेवा करने वाले लोगों को कार्रवाई करते समय तीक्ष्ण बुद्धि से सोचना चाहिए।’’
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सेना प्रमुख ने कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया और एक मानदंड स्थापित किया कि राष्ट्रीय इच्छाशक्ति को सटीकता और दृढ़ संकल्प के साथ कैसे व्यक्त किया जाए, जिससे यह परिभाषित हो सके कि भारत उकसावे का जवाब कैसे देता है। अब उस मानक को कायम रखने की जिम्मेदारी आपकी है।’’ मई 2025 में पाकिस्तान में आतंकी ढांचे के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में देखी गई एकीकृत प्रतिक्रिया, उस तरह की संयुक्तता पर आधारित थी जिसे एनडीए पहले दिन से ही बढ़ावा देता है।
थलसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘जैसे-जैसे हमारी रक्षा सेवाएं अपने एकीकृत ढांचे को और मजबूत कर रही हैं, याद रखिए कि आगे चाहे हम कोई भी वर्दी पहनें, आप सभी पुरुष और महिलाएं फिर से कंधे से कंधा मिलाकर सेवा करेंगे।’’ उन्होंने इस अवसर को ‘‘भावनात्मक और व्यक्तिगत रूप से बेहद खास क्षण’’ बताते हुए याद किया कि 42 वर्ष से अधिक पहले वह स्वयं इसी परेड स्थल से ‘पास आउट’ हुए थे। Operation Sindoor
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उन्होंने कहा, ‘‘आज जब मैं आपके सामने सैनिक जीवन के अंतिम पड़ाव पर खड़ा हूं और अपनी वर्दी उतारने की तैयारी कर रहा हूं, जबकि आप अपनी वर्दी पहनने जा रहे हैं, तो मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि आप यहां से जो शुरू करते हैं वह हमेशा के लिए कायम रहता है।’’ Operation Sindoor
उन्होंने उत्कृष्ट ड्रिल के लिए परेड कमांडर और कैडेट की प्रशंसा की और चीता स्क्वाड्रन को बैनर जीतने पर विशेष बधाई दी। जनरल द्विवेदी ने 12 मित्र देशों से आए 24 विदेशी कैडेटों का भी उल्लेख किया, जो इस कोर्स के साथ पास आउट हुए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आप अलग-अलग जगहों से आए थे, लेकिन आप यहां एक ही भूमि और एक जैसे मूल्यों से प्रभावित होकर जा रहे हैं।’’ Operation Sindoor
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