Business & Economy: कश्मीर का लहसुन उद्योग स्थानीय खेती के लिए एक सफलता की कहानी बन रहा है; किसानों को अच्छी पैदावार मिल रही है और पूरे भारत में इसके लिए बाज़ार बढ़ रहे हैं। अनुमान के मुताबिक, इस सीज़न में घाटी में लगभग 25,000 टन लहसुन का उत्पादन हुआ है, जिससे हज़ारों किसानों, मज़दूरों और व्यापारियों को रोज़गार मिला है। किसानों का कहना है कि अब देश भर के राज्यों में लहसुन की बड़ी खेप भेजी जा रही है, जो कश्मीरी लहसुन की बढ़ती मांग को दिखाता है।Business & Economy
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हालांकि, कुछ किसान चीन से आयातित लहसुन से मिलने वाली प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंतित हैं। वे सरकार से बेहतर बाज़ार सुरक्षा देने की मांग कर रहे हैं ताकि स्थानीय लहसुन उद्योग को और बढ़ने में मदद मिल सके। जैसे-जैसे कश्मीरी लहसुन को पूरे भारत में बाज़ार मिल रहा है, किसान बेहतर समर्थन और बाज़ार की बेहतर स्थितियों की उम्मीद कर रहे हैं ताकि इस उद्योग को और फलने-फूलने में मदद मिल सके।लहसुन की बढ़ती मांग से किसानों की आमदनी भी अच्छी खासी बढ़ती है, क्योंकि लहसुन की बाजा़र में काफी कीमत होती है। इसकी आमतौर पर बाजा़रों में कीमत 120 से 160 रुपए किलो होती। उम्मीद है कि कश्मीर के किसानों को अच्छा फायदा मिलेगा। Business & Economy
