गुजरात के बनासकांठा में गौमूत्र डेयरी बनी पशुपालकों की नई कमाई का जरिया

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Gujarat: जिस गौमूत्र को लोग अब तक बेकार समझते थे, वही आज पशुपालकों के लिए कमाई का जरिया बन गया है। गुजरात के बनासकांठा जिले के अबाला गांव में देश की पहली गौमूत्र डेयरी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। देवारामभाई पुरोहित के स्टार्टअप द्वारा शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट को iHUB GUJARAT से 5 लाख रुपये का फंड मिला है। अब यह पहल वेस्ट से बेस्ट और प्राकृतिक खेती का जीवंत उदाहरण बन गई है। Income

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इस अनोखे डेयरी प्रोजेक्ट की शुरूआत अगस्त 2017 में 50 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले छोटे प्लांट के साथ की गई थी। इसके बाद 2021 में 1000 लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला प्लांट और फिर 2024 में बढ़ाकर 10,000 लीटर प्रतिदिन प्रोसेसिंग क्षमता वाला कमर्शियल प्लांट तैयार किया गया। फिलहाल भाभर तालुका के 7 से 8 गांवों से प्रतिदिन करीब 4000 लीटर गौमूत्र जमा किया जा रहा है, जिससे 70 से 80 परिवारों को आर्थिक लाभ हो रहा है। Income

प्लांट में एकत्रित गौमूत्र को रिफाइन कर 55 से 60 डिग्री सेल्सियस तापमान पर प्रोसेस कर प्राकृतिक खाद और कीटनाशक तैयार किए जाते हैं। इससे रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्वच्छ और सुरक्षित उत्पादन प्राप्त होता है। भाभर तालुका के अबाला गांव में गौमूत्र आधारित यह प्लांट सफल स्टार्टअप और प्राकृतिक खेती का सफल मॉडल बन चुका है। ये आत्मनिर्भर गुजरात की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Income

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