Crime: SC ने उत्तर प्रदेश के DGP को गाजियाबाद में नाबालिग के साथ बलात्कार और हत्या की जांच के लिए SIT गठित करने का दिया निर्देश

Crime:

Crime: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के DGP को निर्देश दिया कि वे एक चार साल की बच्ची के मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन करें। इस बच्ची के साथ कथित तौर पर पिछले महीने गाजियाबाद में बलात्कार किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी। यह देखते हुए कि पीड़िता के माता-पिता गाजियाबाद पुलिस द्वारा की गई जांच से असंतुष्ट थे, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि विशेष जांच टीम (SIT) के गठन की अधिसूचना शुक्रवार को ही, या फिर शनिवार सुबह 11 बजे तक जारी कर दी जानी चाहिए।Crime

Read Also-AAP: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का ये होगा नया पता, मिला नया बंगला

इस पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे। पीठ ने निर्देश दिया कि SIT में महिला पुलिस अधिकारी शामिल होनी चाहिए और इसका नेतृत्व कमिश्नर या इंस्पेक्टर जनरल रैंक के किसी अधिकारी द्वारा किया जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि SIT पीड़िता के माता-पिता द्वारा उठाई गई सभी शिकायतों की जांच करेगी और साथ ही दो निजी अस्पतालों की भूमिका की भी जांच करेगी, जिन्होंने कथित तौर पर पीड़िता को इलाज देने से मना कर दिया था।Crime

पीठ ने कहा कि SIT दो सप्ताह के भीतर संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष अपनी पूरक रिपोर्ट दाखिल करेगी। साथ ही, पीठ ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि तब तक इस मामले में चल रही सुनवाई को रोक दिया जाए। पीठ ने यह आदेश पीड़िता के पिता द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इस याचिका में उन्होंने मांग की थी कि इस मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में, या तो SIT द्वारा या फिर CBI द्वारा करवाई जाए।Crime

पुलिस की ओर से पेश हुईं अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को बताया कि इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और ट्रायल भी शुरू हो चुका है। 13 अप्रैल को इस मामले की सुनवाई करते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने FIR दर्ज करने और मामले की जांच करने में गाजियाबाद पुलिस की “टालमटोल” (अनिच्छा) पर कड़ी आपत्ति जताई थी।Crime

Read Also-CJI ने पश्चिम बंगाल चुनावों के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान पर जताई खुशी

16 मार्च को, कथित तौर पर एक पड़ोसी ने पीड़िता को चॉकलेट दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया था। जब बच्ची वापस नहीं लौटी, तो उसके पिता ने उसकी तलाश शुरू की और उसे खून से लथपथ, बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ पाया।10 अप्रैल को, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जांच में गाजियाबाद पुलिस के “संवेदनहीन रवैये” के लिए उसकी कड़ी आलोचना की थी। कोर्ट ने इस बात पर गहरा दुख और हैरानी जताई कि गाजियाबाद के दो निजी अस्पतालों ने खून से लथपथ बच्ची को भर्ती करने से मना कर दिया था, जिसके बाद अंततः एक सरकारी अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।Crime

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *