Delhi BJP: दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने रविवार को दिल्ली बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CAG की रिपोर्ट को लेकर पिछली केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रवेश वर्मा ने दावा किया कि विधानसभा के मानसून सत्र में अब तक 24 CAG रिपोर्ट पेश की जा चुकी हैं और इनमें करीब 15 हजार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। उन्होंने GST वसूली, बिजली सब्सिडी, मैनुअल टेंडर और अस्पताल निर्माण समेत कई मामलों को लेकर पिछली सरकार पर निशाना साधा। Delhi BJP
प्रवेश वर्मा का आरोप है कि CAG की रिपोर्ट केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि डेढ़ साल में दिल्ली सरकार के सामने 24 CAG रिपोर्ट आ चुकी हैं और हर रिपोर्ट में सैकड़ों करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष से जुड़ी रिपोर्ट भी हाल ही में सामने आई है।
प्रवेश वर्मा के मुताबिक दिल्ली सरकार के पास करीब 70 हजार 410 करोड़ रुपये का GST बकाया था, जिसमें 65 फीसदी से ज्यादा राशि पांच साल से अधिक समय से वसूली नहीं गई। उनका आरोप है कि GST विभाग और व्यापारियों की सांठगांठ के चलते यह रकम वर्षों तक लंबित रही। Delhi BJP
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प्रवेश वर्मा ने GST में गड़बड़ियों के कई आंकड़े भी गिनाए। उनके मुताबिक 8,334 ऐसे टैक्सपेयर्स हैं, जिनका GST रजिस्ट्रेशन रद्द हो चुका था, लेकिन वे 68 हजार 680 करोड़ रुपये के E-Way Bill जारी करते रहे। वहीं 4,076 नॉन-टैक्सपेयर फर्मों ने 11 हजार 635 करोड़ रुपये के E-Way Bill बनाए। Delhi BJP
आरोप है कि 6 करोड़ 10 लाख E-Way Bill में सिर्फ 0.1 फीसदी मामलों में कार्रवाई हुई, यानी करीब 70 मामलों में जांच की गई और इन्हीं मामलों में 3,071 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का पता चला।
मंत्री ने बिजली सब्सिडी योजना पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ता थे, जिनका 12 महीने का बिजली बिल जीरो था, फिर भी उन्हें 17 करोड़ 81 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई। करीब 90 ऐसे उपभोक्ता भी सामने आए, जो छह से 11 महीने तक अपने घरों में नहीं थे, लेकिन उन्हें भी करीब 11 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। प्रवेश वर्मा का दावा है कि बिना बिजली खपत के करीब 42 करोड़ रुपये की सब्सिडी दिए जाने का मामला जांच का विषय है। Delhi BJP
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प्रवेश वर्मा ने सरकारी भर्ती और टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड में जूनियर इंजीनियर की पोस्ट नहीं होने के बावजूद चुनाव से पहले टेस्ट कराया गया और करोड़ों रुपये खर्च किए गए, जबकि चुनाव के बाद कहा गया कि पोस्ट ही नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन E-Procurement सिस्टम मौजूद होने के बावजूद 1,185 मैनुअल टेंडर किए गए, जिनमें 14 हजार 527 बोलियां लगीं।
आरोप है कि कई मामलों में विभाग और ठेकेदारों के IP एड्रेस एक जैसे मिले और रेट तय करने में मिलीभगत हुई। इन टेंडरों में सिर्फ कुछ मामलों की कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड फाइल मिली, जबकि 96 फीसदी फाइलें गायब हैं। Delhi BJP
LNJP अस्पताल के निर्माण को लेकर भी प्रवेश वर्मा ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन बार-बार अस्पताल का दौरा करते थे और अपनी पसंद के आर्किटेक्ट को लगाया गया। उनके मुताबिक बेड की लागत 33 लाख रुपये से बढ़कर 72 लाख रुपये तक पहुंच गई, जबकि बिल्डिंग की सॉयल टेस्टिंग तक नहीं कराई गई।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि CAG ने इन मामलों पर बार-बार सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पिछली सरकार ने सही तरीके से काम किया होता तो दिल्ली सरकार का हजारों करोड़ रुपये बच सकता था।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि अलग-अलग विभागों में सरकारी टेंडर से लेकर टैक्स वसूली और बिजली सब्सिडी तक कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आई हैं। उनका दावा है कि अब तक सामने आई 24 CAG रिपोर्ट का आंकलन करें तो करीब 15 हजार करोड़ रुपये की गड़बड़ियों और नुकसान का खुलासा हुआ है। प्रवेश वर्मा ने इसे केजरीवाल सरकार का मॉडल बताते हुए कहा कि पिछली सरकार ऑडिट से बचती रही और सरकारी पैसे का नुकसान होता रहा। Delhi BJP
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