Delhi-Dehradun Expressway: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पूरी तरह चालू हो गया है और ये पश्चिमी यूपी के फल-सब्जी उत्पादकों के लिए खुशहाली का रास्ता खोल रहा है। सालों से स्थानीय मंडियों और बिचौलियों पर निर्भर सहारनपुर के किसानों की अब सीधे दिल्ली के बड़े बाजारों तक पहुंच हो गई है।
दरअसल, 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना 213 किलोमीटर लंबा, छह लेन वाला दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब किसानों की तकदीर बदलने जा रहा है। ये एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है और इसके पूरी तरह चालू होने से पश्चिमी यूपी, खासकर सहारनपुर, शामली, बागपत के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।
कैसे बदलेगी किसानों की किस्मत
1. स्थानीय मंडियों की मजबूरी खत्म- अब तक सहारनपुर और आसपास के इलाकों के किसान अपनी फल-सब्जी सिर्फ लोकल मंडियों में बेचने को मजबूर थे। वहां मांग कम और आपूर्ति ज्यादा होने से उन्हें उपज का सही दाम नहीं मिल पाता था। कई बार तो लागत भी नहीं निकलती थी। बिचौलियों की मनमानी अलग झेलनी पड़ती थी।
2. दिल्ली मंडी तक सीधी पहुंच- एक्सप्रेसवे ने सबसे बड़ी दिक्कत दूर कर दी है, वो है कनेक्टिविटी। अब सहारनपुर से दिल्ली का सफर घंटों कम हो गया है। पहले जाम और खराब सड़कों में जो सब्जी सड़ जाती थी, वो अब ताजा हालत में 2-3 घंटे में आजादपुर मंडी, गाजीपुर मंडी जैसी दिल्ली की बड़ी मंडियों तक पहुंच जाएगी। इन मंडियों में पश्चिमी यूपी की सब्जियों की भारी डिमांड है और रेट भी लोकल से 30-40% तक ज्यादा मिलता है।
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3. तीन तरह से होगा सीधा मुनाफा- किसानों का कहना है कि एक्सप्रेसवे से उन्हें तिहरा फायदा होगा। पहला- परिवहन लागत घटेगी क्योंकि डीजल कम जलेगा और समय बचेगा। दूसरा- उपज जल्दी मंडी पहुंचेगी तो सड़ने-गलने से बर्बादी रुकेगी। पहले 20-25% माल रास्ते में ही खराब हो जाता था। तीसरा- दिल्ली में बेहतर रेट मिलने से सीधे उनकी जेब में ज्यादा पैसा आएगा।
4. कृषि अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार- सहारनपुर बेल्ट लीची, आम, मशरूम, शिमला मिर्च, टमाटर जैसी नकदी फसलों के लिए मशहूर है। लेकिन बाजार न मिलने से किसान हिम्मत हार जाते थे। अब एक्सप्रेसवे से यहां की कृषि अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगले 1-2 साल में इस इलाके से दिल्ली जाने वाली फल-सब्जी की मात्रा दोगुनी हो सकती है। कोल्ड स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग यूनिट भी अब यहां लगने की उम्मीद है।
5. किसानों की जुबानी- सहारनपुर के एक प्रगतिशील किसान बताते हैं, “पहले दिल्ली सब्जी भेजते थे तो आधी रात निकलना पड़ता था, फिर भी 6-7 घंटे लगते थे। जाम में फंस गए तो पूरी गाड़ी का माल खराब। अब एक्सप्रेसवे से 3 घंटे में दिल्ली पहुंच जाएंगे। माल फ्रेश रहेगा, रेट अच्छा मिलेगा। ये हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं।”
