Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को घोषणा की कि एशिया-प्रशांत और पश्चिम एशिया की प्रौद्योगिकी कंपनी एयरट्रंक भारत में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी और पांच गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करेगी। प्रधानमंत्री ने एयरट्रंक के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) रॉबिन खुदा से मुलाकात के बाद कहा कि यह देश के डिजिटल बुनियादी ढांचा परिवेश में प्रस्तावित सबसे बड़े निवेश में से एक है।Delhi:
India’s digital infrastructure journey is gathering remarkable momentum.
AirTrunk has announced plans to invest around Rs. 3 lakh crore ($30 billion) in India, and develop 5 GW of data centre capacity. This is among the largest proposed investments in the country’s digital… pic.twitter.com/ZW82nneN5x
— Narendra Modi (@narendramodi) June 5, 2026
उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘‘भारत की डिजिटल बुनियादी ढांचा यात्रा उल्लेखनीय गति पकड़ रही है। एयरट्रंक ने भारत में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये (30 अरब डॉलर) का निवेश करने और पांच गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने की योजना की घोषणा की है। यह देश के डिजिटल बुनियादी ढांचा परिवेश में प्रस्तावित सबसे बड़े निवेश में से है।
’मोदी ने कहा कि इस तरह के निवेश से क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई (कृत्रिम मेधा) के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति मजबूत होगी। साथ ही रोजगार के अवसर सृजित होंगे, स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन मिलेगा और नवोन्मेष आधारित विकास में तेजी आएगी।Delhi:
उन्होंने कहा, ‘‘यह स्पष्ट है कि विश्व की डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य तेजी से भारत में आकार ले रहा है।’’एयरट्रंक एक हाइपरस्केल डेटा सेंटर विशेषज्ञ है जो एशिया-प्रशांत और पश्चिम एशिया (एपीएमई) क्षेत्र में क्लाउड, सामग्री और बड़े उद्यमों के लिए एक मंच तैयार करती है।कंपनी भरोसेमंद, प्रौद्योगिकी नवोन्मेष और ऊर्जा एवं जल दक्षता के साथ डेटा सेंटर परिसरों के विकास और संचालन में अग्रणी है।
वर्ष 2015 में स्थापित, एयरट्रंक ने 2017 में ऑस्ट्रेलिया का पहला और सबसे बड़ा हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित किया। फिर तेजी से विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया और अब एशिया प्रशांत और पश्चिम एशिया क्षेत्र में हाइपरस्केल डेटा केंद्रों का एक मंच संचालित करती है।Delhi:
