Delhi: पश्चिम एशिया संकट के बीच आज दिल्ली में एक बेहद महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालय समूह की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम, उर्वरक और विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने देश को आश्वस्त किया है कि कच्चे तेल से लेकर खेती के लिए जरूरी खाद तक, देश के पास पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की कोई बात नहीं है। Delhi:
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सबसे बड़ी चिंता देश में ईंधन यानी पेट्रोल-डीजल और गैस की सप्लाई को लेकर है। इस पर पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी, सुजाता शर्मा ने स्थिति साफ की। उन्होंने माना कि पश्चिम एशिया संकट से क्रूड ऑयल, एलपीजी और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन सरकार ने बैकअप प्लान तैयार रखा है।सुजाता शर्मा जॉइंट सेक्रेटरी, पेट्रोलियम ने कहा कि “वेस्ट एशिया संकट से क्रूड ऑयल, LPG और नेचुरल गैस के इम्पोर्ट पर असर पड़ने के बावजूद, घरेलू पेट्रोलियम सप्लाई को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हालात पर करीब से नज़र रखने को कहा गया है।” Delhi:
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ईंधन के अलावा देश के अन्नदाताओं पर खाद संकट की हर आशंका को खारिज करते हुए फर्टिलाइजर डिपार्टमेंट की एडिशनल सेक्रेटरी, अपर्णा शर्मा ने आंकड़ों के साथ देश को आश्वस्त किया। उन्होंने बताया कि इस साल के कुल अनुमानित असेसमेंट के मुकाबले पर्याप्त से ज़्यादा उर्वरक स्टॉक मौजूद है। यह सामान्य जरूरत के 33 फीसदी के मुकाबले 51 फीसदी से भी ज्यादा है। संकट के बावजूद घरेलू उत्पादन और इम्पोर्ट दोनों में तेजी आई है। “ Delhi:
इस पूरे संकट के बीच भारत के कूटनीतिक प्रयास रंग ला रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया यूएई दौरे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समय रहते उठाए गए कूटनीतिक कदमों की वजह से आज भारत सुरक्षित एनर्जी स्थिति में है।रणधीर जायसवाल ने कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 15 मई को UAE की सफल यात्रा ने LPG सप्लाई, स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व और यूनाइटेड अरब अमीरात से नए इन्वेस्टमेंट हासिल करके भारत की एनर्जी सिक्योरिटी को बढ़ावा दिया है।बहरहाल पश्चिम एशिया के युद्ध जैसे हालातों के बीच भारत सरकार अपनी कूटनीति और मजबूत आर्थिक रणनीति से देश के भीतर किसी भी तरह की ईंधन और उर्वरक किल्लत की संभावना को खत्म करने में जुटी है। Delhi:
