Delhi: केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगातार कार्यकालों के आधार पर भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है। कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं और उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया।प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, शासन और देश के विकास में उनके योगदान की सराहना की गई है।प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने निर्वाचित शासनाध्यक्ष के रूप में 4,399 दिनों की निरंतर सेवा का एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग कर कैबिनेट के इस प्रस्ताव की पूरी जानकारी दी है। Delhi:
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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज एक विशेष प्रस्ताव पारित किया है। 10 जून, 2026 भारतीय लोकतंत्र की यात्रा का एक ऐतिहासिक क्षण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह अवसर भारत की लोकतांत्रिक चेतना और जनविश्वास की शक्ति का प्रतीक है।कैबिनेट प्रस्ताव में कहा गया है कि यह मील का पत्थर एनडीए सरकार के उनके नेतृत्व में 12 वर्ष पूरे होने के साथ ही आया है। यही नहीं, सरकार प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री मोदी लगातार 25 वर्षों की सेवा के ऐतिहासिक पड़ाव के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। छह दशकों के बाद यह पहली बार हुआ है जब देश की जनता ने एनडीए सरकार को लगातार तीसरी बार जनादेश दिया है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि साल 2014 में पीएम मोदी ने खुद को ‘प्रधान सेवक’ घोषित किया था और शासन के केंद्र में गरीबों के कल्याण को रखा। कैबिनेट प्रस्ताव में सरकार की उन योजनाओं की सराहना की गई है जिन्होंने देश की तस्वीर बदल दी इसमे 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त राशन।60 करोड़ से अधिक निर्धनों को मुफ्त चिकित्सा उपचार (आयुष्मान भारत)।पक्के मकान, बिजली, स्वच्छ जल और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का जिक्र किया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन सामूहिक प्रयासों का ही नतीजा है कि देश के 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आने में सफल रहे हैं। Delhi:
इस प्रस्ताव में समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण का खाका खींचा गया है। चाहे बात दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम की हो या चंद्रयान की सफलता की—युवा शक्ति को नई उड़ान मिली है। ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ के तहत धुआं-मुक्त रसोई, लखपति दीदी अभियान और संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए गए। वहीं किसानों को ‘विकसित भारत’ का मूल स्तंभ मानते हुए पीएम किसान सम्मान निधि और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से कृषि निर्यात 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।कैबिनेट ने पीएम मोदी की ‘राष्ट्र प्रथम’ की नीति और उनके निर्णायक फैसलों की जमकर तारीफ की। इनमें अनुच्छेद 370 का खात्मा, GST, OROP और CAA का कार्यान्वयन।नए आपराधिक कानून (भारतीय न्याय संहिता) और श्रम संहिता का जिक्र किया गया है। Delhi:
वही सर्जिकल और क्रॉस-बॉर्डर एयर स्ट्राइक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और सिंधु जल संधि के निलंबन का जिक्र करते हुए सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन किया गया है।इसके अलावा प्रस्ताव में कहा गया है कि पूर्वोत्तर में स्थायी शांति और नक्सलवाद का खात्मा।इसके अलावा ‘मेक इन इंडिया’, जी-20 की सफल अध्यक्षता, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और कोरोना महामारी के सफल प्रबंधन ने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई शक्ति के रूप में स्थापित किया है।केंद्रीय कैबिनेट ने आभार जताते हुए औपचारिक रूप से इस प्रस्ताव को अपनाया है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की है। प्रस्ताव के अंत में यह दृढ़ विश्वास व्यक्त किया गया कि पीएम मोदी के दूरदर्शी संकल्प के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र के रूप में नई ऊंचाइयों को छुएगा और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के सपने को साकार करेगा। Delhi:
