Iran-America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 29 अप्रैल को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सहयोगी जर्मनी को चेतावनी देते हुए संकेत दिया कि वह वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम कर सकते हैं। यह बयान ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध को लेकर जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है।
मर्ज ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि ईरानी नेतृत्व के सामने अमेरिका ‘‘अपमानित’’ हो रहा है और उन्होंने युद्ध में वाशिंगटन की रणनीति पर सवाल उठाए थे। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका जर्मनी में सैनिकों की तैनाती में कटौती की संभावना की समीक्षा कर रहा है और इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा। अपने पहले कार्यकाल में भी ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा खर्च को कम बताते हुए जर्मनी से सैनिक घटाने की घोषणा की थी। 2020 में उन्होंने लगभग 34,500 में से 9,500 सैनिक वापस बुलाने की बात कही थी, लेकिन यह योजना लागू नहीं हो सकी। बाद में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2021 में इस निर्णय को रद्द कर दिया था। Iran-America
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Iran-America- जर्मनी में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने हैं, जिनमें यूरोपीय और अफ्रीकी कमान मुख्यालय, रामस्टीन एयर बेस और एक क्षेत्रीय मेडिकल सेंटर शामिल हैं। मर्ज ने कहा कि ट्रंप के साथ उनके संबंध अच्छे हैं, लेकिन ईरान युद्ध को लेकर उन्हें शुरुआत से ही संदेह था। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से, जहां से विश्व का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। ट्रंप ने पलटवार करते हुए मंगलवार को सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को लगता है कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है। उन्हें पता ही नहीं है कि वह क्या कह रहे हैं।’’ ट्रंप ने कहा कि इसमें कोई हैरानी नहीं है कि ‘‘जर्मनी आर्थिक रूप से और अन्य मामलों में बहुत खराब प्रदर्शन कर रहा है।’’
