Madras High Order : मद्रास हाई कोर्ट ने गुरुवार को पहचान पत्र जारी करने से जुड़े सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कल्लाकुरिची जिले के कलवरायण पहाड़ियों में रहने वाले लोगों की तरफ से दिए गए आवेदनों पर कार्रवाई करें और जल्द से जल्द राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र जारी करें।
रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे लोग –जस्टिस एस. एम. सुब्रमण्यम और जस्टिस एन. माला की डिविजन बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले पर आगे अंतरिम आदेश पास करते हुए ये निर्देश दिया।बेंच ने कहा कि कंप्लायंस रिपोर्ट चार हफ्ते बाद दाखिल की जाएगी।सरकारी वकील ने दलील दी कि गांव में सड़क परियोजनाओं के लिए अभी तक फंड आवंटित नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि गांव तक पहुंचने का रास्ता नहीं है और लोग रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए भी जूझ रहे हैं।
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चिकित्सा,शिक्षा की सुविधाएं मिले- बेंच ने कहा कि अधिकारियों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित विभाग की तरफ से पेश किए गए प्रस्ताव की जांच की जाए और कार्रवाई शुरू की जाए।बेंच ने कहा कि अधिकारियों को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि सड़कें बनाई जाएं ताकि कलवरायण पहाड़ियों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधाएं, शिक्षा और दूसरी सुविधाएं मिल सकें।
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लोगों के अधिकारों की रक्षा हो- बेंच ने कहा कि न्यायमित्र ने दलील दी है कि दूरदराज के गांवों में लोगों की अनकहे दर्द की ओर ध्यान नहीं दिया गया। बेंच ने कहा कि मुख्य सचिव को मामले को देखने का निर्देश दिया गया है क्योंकि भारत के संविधान के तहत लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी है।कोर्ट ने आगे कहा कि मुख्य सचिव को ये सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से ध्यान देना चाहिए कि लोगों को चिकित्सा, शिक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सड़कें बनाई जाएं। न्यूनतम जरूरतों को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। लंबे वक्त की परियोजनाओं को बाद में किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
